उन्नाव। लोकल को वोकल देने के इरादे से प्रशासन जिले की तीनों नगर पालिकाओं में दीपावली मेला लगाएगा। इसके पीछे उत्पाद तैयार करने वाले स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्पियों और स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को लोगों के सामने लाकर देशी वस्तुओं की खरीदारी को बढ़ावा देने की मंशा है। 28 से तीन नवंबर तक लगने वाले इन मेलों की तैयारी जोरों पर हैं।
प्रशासन पहली बार जिले की तीनों नगर पालिकाओं में सात दिवसीय दीपावली मेला लगाने जा रहा है। मेलों की खासियत यह होगी कि यहां सजावट, पूजन, प्रसाद, परिधान से लेकर मनोरंजन तक सब देशी होगा। हस्तशिल्पी सम्मान योजना के लाभार्थी मिट्टी के दीये, मोमबत्ती, चप्पल-जूते, रुई बत्ती, लकड़ी के बर्तन व सजावटी सामान और बंदनवार जैसे उत्पादों के स्टाल लगाए जाएंगे। जरी-जरदोजी व अन्य परिधान, बिजली की झालरें सहित अन्य उत्पाद तैयार करने वाले एमएसएमई के लाभार्थियों को भी स्टाल के लिए स्थान मुफ्त दिया जाएगा। वहीं अचार, अगरबत्ती, हवन सामग्री, घी, पापड़, बड़ी, जैम-जेली जैसे उत्पाद तैयार करने वाले स्वयं सहायता समूहों को भी अपने उत्पाद लोगों तक पहुंचाने का अवसर दिया जाएगा।
डीएम रवींद्र कुमार ने बताया कि धनतेरस और दिवाली पर्व के लिए लोग खूब खरीदारी करते हैं। नगर पालिका स्तर पर आयोजित किए जा रहे दीपावली मेलों के पीछे उद्देश्य यह है कि देशी उत्पादों, देशी कला और स्थानीय कलाकारों को अवसर दिया जाए। इन मेलों में पीएम स्वनिधि योजना से लाभान्वित 50-50 लाभार्थियों के स्टाल लगवाए जाएंगे। डीएम ने सभी से स्वदेशी सामान की खरीदारी कर हस्तशिल्पियों, कारीगरों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की अपील की है।
सात दिवसीय दीपावली मेलों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीत संगीत और कवि सम्मेलन भी होंगे। इनमें कुछ नामी कवियों और कलाकारों को आमंत्रित करने के साथ ही स्थानीय कलाकारों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। शहर के रामलीला मैदान में 28 अक्तूबर को भजन संध्या, 29 को बच्चों की गायन व नृत्य प्रतियोगिता, 30 को आल्हा होगा। तीन नवंबर तक चलने वाले सात दिवसीय मेलों में जादू, कठपुतली शो, नुक्कड़ नाटक भी होंगे।
मीड़िया को जानकारी देते डीएम रवींद्र कुमार। संवाद- फोटो : UNNAO