उन्नाव जिले में जानलेवा हमले समेत पांच मुकदमों में सजायाफ्ता पूर्व विधायक कुलदीप सेंगर प्रकरण की दुष्कर्म पीड़िता के चाचा व पीड़िता के पिता की हत्या में दरोगा को मंगलवार को न्यायालय पेशी पर लाया गया। सभी मामलों में अगली तारीख दी गई है।
माखी थाना क्षेत्र में 30 अक्टूबर वर्ष 2017 को माखी गांव निवासी विनोद कुमार मिश्रा ने दुष्कर्म पीड़िता के चाचा व एक अज्ञात के खिलाफ जानलेवा हमला करने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के दैरान उक्त मुकदमें में वर्ष 2019 में आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था।
इसके अलावा धोखाधड़ी व आर्म्स एक्ट समेत 2 अन्य मुकदमे कोर्ट में विचाराधीन हैं। इन्हीं मामलों में चाचा व दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हत्या में विवेचक केपी सिंह को 26 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस की सुरक्षा में पेशी पर लाया गया।
जानलेवा हमले समेत दो मामलों की सुनवाई एडीजे नौ व धोखाधड़ी समेत 3 मामलों की सुनवाई एडीजे तृतीय के यहां हुई। एडीजे 9 ने पेशी की अगली तारीख 10 नवंबर व एडीजे तृतीय ने 28 अक्टूबर तय की है। 2 दिन बाद की अगली तारीख मिलने पर दिल्ली पुलिस ने डीजे तृतीय के यहां एक प्रार्थना पत्र देकर आरोपी दुष्कर्म पीड़िता के चाचा को उन्नाव जेल में रखने की अपील की। कोर्ट ने अपील ठुकराते हुए चाचा को दिल्ली ले जाने का फरमान जारी कर दिया जिस पर पुलिस उसे व दरोगा को लेकर दिल्ली चली गई।