घटना बाद अधिवक्ताओं से जानकारी लेते सिविल लाइंस पुलिस चौकी इंचार्ज विनय कुमार।
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उन्नाव। न्यायालय परिसर में एक वकील ने युवक व उसके तीन साथियों पर तमंचा तानने व मारपीट का आरोप लगाया। वकीलों ने एक आरोपी को पकड़ लिया। तीन भाग निकले। पुलिस ने मारपीट और तमंचा तानने की बात को गलत बताया है। सीओ ने न्यायालय के सीसीटीवी फुटेज के जरिये जल्द सच सामने लाने की बात कही है।
अधिवक्ता अखिलेश मिश्र के मुताबिक वह अपने जूनियर व मुवक्किलों के साथ बस्ते से कोर्ट परिसर में दाखिल हुए। तभी कुछ लोगों ने आईटीआई परिसर की जमीन का मुकदमा वापस लेने को लेकर धमकाते हुए मारपीट शुरू कर दी। वकीलों के दौड़ने पर एक आरोपी ने तमंचा तान दिया।
इसी बीच कुछ वकीलों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। तीन लोग भाग निकले। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रामशंकर सिंह यादव व महामंत्री जितेंद्र कुमार अन्य वकीलों के साथ मौके पर पहुंचे। अधिवक्ता अखिलेश का आरोप है कि आईटीआई की जमीन के मुंसिफ मजिस्ट्रेट दक्षिणी की अदालत में चल रहे मुकदमे की वह पैरोकारी कर रहे हैं। प्रधानाचार्य संबंधित जमीन पर स्टे के बाद भी निर्माण कराना चाहते हैं।
उन्होंने प्रधानाचार्य के इशारे पर ही हमला करने की बात कही है। पीड़ित अधिवक्ता और आईटीआई के प्रधानाचार्य वीके वर्मा दोनों ने ही रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है। प्रधानाचार्य ने पेशी पर न्यायालय जाने पर वकीलाें द्वारा उनके स्टोर कीपर अनिल त्रिपाठी को बेरहमी से पीटने का आरोप लगाया गया है। स्टोर कीपर अनिल त्रिपाठी का शांतिभंग में चालान किया गया है। सीओ सिटी गौरव त्रिपाठी ने बताया कि दोनों पक्षों की तहरीर पर जांच की जा रही है। तमंचा तानने का आरोप गलत है।