उन्नाव। होम आइसोलेट कोरोना संक्रमित मरीजों का दूसरा सैंपल जांच के लिए नहीं भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के दस दिन बाद उन्हें स्वस्थ मान लिया जाएगा।
कोरोना की हो रही जांच में कई ऐसे मरीज सामने आ रहे हैं जिनमें कोई लक्षण नहीं हैं। उसके बाद भी वह संक्रमित हैं। ऐसे मरीजों के लिए सरकार ने होम आइसोलेशन की सुविधा दी है। इसके लिए घर के जिस कमरे में मरीज रहें उसमें अटैच बाथरूम और शौचालय होना अनिवार्य है। जिन मरीजों के घर में यह सुविधा नहीं है। उन्हें कोविड अस्पताल में भर्ती कराया जाता है। जिले में इस समय 150 कोरोना मरीज होम आइसोलेट हैं। जिनकी स्वास्थ्य विभाग देखभाल भी कर रहा है। इन मरीजों के लिए शासन ने नई गाइडलाइन जारी की है। होम आइसोलेट हुए दस दिन बीत जाने के बाद उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी नहीं होती है तो उनकी दोबारा जांच न कराई जाए। उन्हें स्वस्थ मान लिया जाए।
होम आइसोलेशन प्रभारी डॉ. तन्मय कक्कड़ ने बताया कि होम आइसोलेट सामान्य मरीजों की जांच न करने के आदेश हुए हैं। लेकिन यदि किसी मरीज में लक्षण मिलते हैं तो जांच कराई जाएगी।