उन्नाव। अभिनेता सुशांत की मौत की घटना की जांच सीबीआई से कराने पर अभिनेता, गायकी, रंगमंच व अन्य क्षेत्रों काम कर रहे कलाकारों ने सराहना की है। आर्टिस्टों का कहना है कि विभिन्न प्रांतों के छोटे जिलों और गांवों से आने वाले आर्टिस्टों को माया नगरी में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन और मुकाम हासिल करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता है। जिले से जुड़े कलाकारों का कहना है कि इस घटना से मायानगरी में अगड़े-पिछड़े का भेदभाव खत्म होगा। साथ ही एक सच्चे अभिनेता को उसकी मौैत के बाद ही सही न्याय मिलेगा।
सदर तहसील के शंकरपुर सरांय गांव के मूल निवासी हास्य अभिनेता राजीव निगम ने बताया कि सुशांत मामले की सीबीआई से जांच में घटना की सच्चाई सामने आएगी। सुशांत ने अपने काम से अपनी पहचान बनाई थी। बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में छोटे-छोटे शहरों से आने वाले कलाकारों को भेेदभाव का सामना करना पड़ता है। यह घटना भी इसी का नतीजा है।
बीघापुर तहसील के मगरायर गांव के मूल निवासी हास्य अभिनेता राजू श्रीवास्तव ने बताया कि सीबीआई जांच करेगी सभी लोग खुश हैं। लोगों को विश्वास है कि जांच सही दिशा में जाएगी। लेकिन सरकार से मांग है कि जांच के लिए जांच की समय सीमा तय की जानी चाहिए। सवाल उठता है कि अगर सुशांत ने सुसाइड की थी लेकिन शव को फंदे से लटका किसी ने नहीं देखा। दो महीने में जिन सबूतों को नष्ट करने का प्रयास किया गया सीबीआई उन्हें भी जरूर खोज लेगी।
शहर के सिविल लाइंस निवासी रंगकर्मी व कई फिल्मों व धारावाहिकों में अभिनय कर चुके मो. जब्बार अकरम ने बताया कि सुशांत की मौत ने उन सभी कलाकारों को हिला दिया था जो अपने बूते पर मुकाम हासिल करने के लिए दिनरात मेहनत कर रहे हैं। सुशांत बिहार के एक छोटे से गांव से फिल्म इंडस्ट्री तक पहुंचे और अपनी मेहनत से सफलता हासिल करते हुए आगे बढ़ रहे थे। ऐसे में जिन हालात में उनकी मौत हुई, संदेह पैदा करती है। सीबीआई सच को जरूर सामने लाएगी यह विश्वास है।
शहर के मोहल्ला कछियाना निवासी गायक कलाकार वासिफ अली ने बताया कि सुशांत का टैलेंट वाकई काबिले तारीफ रहा। सफलता के रास्ते पर आगे बढ़ रहे सुशांत की मौत सुसाइड नहीं हो सकती। सीबीआई तेजी से जांच करके सच्चाई को जरूर सामने लाएगी। सुशांत अपनी मौत के बाद भी उन कलाकारों की हिम्मत बनेंगे जो छोटे शहरों या गांवों से निकल कर मायानगरी तक पहुंचे हैं और स्ट्रगल कर रहे हैं।