उन्नाव। वर्षों से खस्ताहाल उन्नाव-रायबरेली (लालगंज) हाईवे पर सफर अब सुगम होगा। 65.8 किमी मार्ग की मरम्मत पर 6.44 करोड़ रुपये खर्च होंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी मंजूरी दे दी है। एनएसएआई ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उन्नाव शहर के निकट लखनऊ-कानपुर हाईवे से जिले के उन्नाव, पुरवा और बीघापुर तहसील क्षेत्रों से होकर निकलने वाले इस मार्ग को पांच साल पहले राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा मिला था। इसके साथ ही इस मार्ग के चौड़ीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। चौड़ीकरण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है।
पीडब्ल्यूडी के अधिकार क्षेत्र से बाहर होने और एनएचएआई की ओर से मार्ग के चौड़ीकरण प्रक्रिया शुरू होने से इसकी मरम्मत नहीं हो पाई। इसके चलते उन्नाव से रायबरेली तक मार्ग की हालत जर्जर हो गई है। गदनखेड़ा, ललऊखेड़ा से कोरारी मोड़ तक, अचलगंज, सिकंदरपुर करन, बीघापुर, ओसियां, तकिया, पाटन, सुमेरपुर, बिहार में सड़क जर्जर है।
कई फिट गहरे गड्ढे होने से आए दिन वाहन दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। सांसद साक्षी महाराज ने मार्ग की मरम्मत के लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा था। इस पर उन्होंने मार्ग की मरम्मत की अनुमति दे दी है।
एनएचएआई के परियोजना निर्देशक देवकी नंदन ने बताया कि 65.800 किमी लंबे इस मार्ग की मरम्मत पर 6 करोड़ 44 लाख 94 हजार रुपए खर्च होंगे। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू है। जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी करके मरम्मत शुरू कराई जाएगी।