बंद करने का नोटिस देने के बाद भी सीएमओ कार्यालय के पास संचालित नर्सिंगहोम। संवाद
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उन्नाव। स्वास्थ्य विभाग निजी अस्पतालों के संचालकों के साथ नोटिस-नोटिस का खेल खेलता है। मानक के विपरीत, नवीनीकरण न होने व बिना पंजीकरण संचालित निजी अस्पतालों को पहले एसीएमओ नोटिस देते हैं। वह तीन दिन में जवाब मांगते हैं। संचालक महीनाें तक जवाब नहीं देते और नर्सिंगहोम का संचालन करते रहते हैं। मामला सीएमओ तक पहुंचने के बाद वह नोटिस भेजते हैं। हल कुछ नहीं निकलता। हाल यह है कि आदेशों को दरकिनार कर बिना पंजीकरण और लाइसेंस नवीनीकरण के नर्सिंगहोम खुले हैं।
सीएमओ कार्यालय से महज दस कदम की दूरी पर संचालित निदान अस्पताल के लाइसेंस का नवीनीकरण न होने पर एसीएमओ ने पांच दिन पहले नोटिस देकर नर्सिंगहोम बंद कराया था। नोडल व एसीएमओ डॉ. ललित कुमार नर्सिंगहोम बंद होने का दावा कर रहे थे। गुरुवार को मौके पर जाकर देखा गया तो अस्पताल में मरीज भर्ती थे। उनका इलाज किया जा रहा था। संचालक से बात की गई तो बताया कि नवीनीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन हो चुका है। नियमानुसार जब तक नवीनीकरण न हो जाए संचालन नहीं होना चाहिए था। एसीएमओ ललित कुमार ने बताया कि नवीनीकरण होने के बाद ही संचालन करना है। उन्हें नवीनीकरण का कागज लेकर बुलाया गया है।
पीडीनगर में खोले गए लक्ष्मीनारायण अस्पताल का भी पंजीकरण न होने पर उसे भी एसीएमओ ने पांच दिन पहले बंद कराया था। मौके पर जाकर देखा गया तो उसका संचालन बंद था। स्थानीय लोगों ने बताया कि जब से बंद कराया गया है, तब से अस्पताल का ताला नहीं खोला गया।
बांगरमऊ में संचालित फै मिली नर्सिंगहोम, एकता अस्पताल, आस्था नर्सिंगहोम, बांगरमऊ अस्पताल व हाईटेक नर्सिंगहोम बिना पंजीकरण संचालित होने पर एक महीने पहले एसीएमओ डॉ. ललित कुमार ने बंद करने का नोटिस दिया था। फिर भी बंद नहीं किए गए। तीन दिन पहले सीएमओ ने दोबारा नोटिस भेजा। संचालकों ने उसका जवाब नहीं दिया। बल्कि सड़क की ओर का शटर बंद कर पीछे के दरवाजे मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। स्टॉफ भी काम कर रहा है। सीएचसी प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार ने कहा कि जवाब न मिलने पर शुक्रवार को कार्रवाई की जाएगी।
जिले में दो महीने में चार क्लीनिक व एक नर्सिंगहोम बंद कराया गया है। नर्सिंगहोम के नोडल व एसीएमओ डॉ. ललित कुमार ने बताया कि सिकंदरपुर सरोसी में ममता अस्पताल, सफीपुर में दो क्लीनिक, शुक्लागंज व बांगरमऊ में एक-एक क्लीनिक को बिना पंजीकरण संचालन पर बंद कराया गया है।