उन्नाव। बुखार से पीड़ित किशोरी की झोलाछाप के इलाज से मौत हो गई। घटना के बाद झोलाछाप मौके से भाग निकला। पिता की शिकायत पर पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। परिजनों ने गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाया है। पिता से तहरीर लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की बात कही है।
दही थाना क्षेत्र के मुर्तजानगर निवासी मनोज कुमार की 14 वर्षीय बेटी शालिनी को रविवार को तेज बुखार आया। सोमवार सुबह पिता मनोज माखी के अनंतखेड़ा के एक झोलाछाप के यहां बेटी का इलाज कराने पहुंचा। पिता का आरोप है कि झोलाछाप ने एक इंजेक्शन लगाया। कुछ देर बाद बेटी को कंपकंपी शुरू होने के साथ उल्टियां होने लगी। घबराए झोलाछाप ने दो और इंजेक्शन लगा दिए। 10 मिनट बाद शालिनी की झोलाछाप के क्लीनिक में ही मौत हो गई।
उसने मौत होने की बात छुपा ली और बेटी को जिला अस्पताल ले चलने की बात कहकर एंबुलेंस मंगाई। परिवार के लोग बेटी को एंबुलेंस में लिटा ही रहे थे कि झोलाछाप मौके से भाग निकला। वैन चालक सांसें न चलने की बात कह नर्सिंगहोम ले गया। वहां बेटी को मृत घोषित कर दिया गया। मनोज कुमार ने बताया कि शालिनी उसकी इकलौती संतान है। उसकी मौत से मां माधुरी का रोकर बुरा हाल रहा।