उन्नाव। स्थानांतरण प्रक्रिया निरस्त करने की मांग को लेकर सोमवार को लिपिक लखनऊ स्थित स्वास्थ्य महानिदेशालय का घेराव करने पहुंचे। इससे सीएमओ कार्यालय में सन्नाटा पसरा रहा। लिपिकों की हड़ताल से जननी सुरक्षा योजना का भुगतान तीसरे दिन भी प्रभावित रहा। हड़ताल के कारण जिला अस्पताल में दिव्यांग प्रमाणपत्र बनाने के लिए लगने वाला शिविर नहीं लगा। इससे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
यूपी मेडिकल एंड पब्लिक हेल्थ मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष सुबोध कुमार त्रिपाठी ने कहा कि निदेशक प्रशासन ने मनमाने तरीके से लिपिकों का स्थानांतरण किया है। दिव्यांग व महिला लिपिकों का एक हजार किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थानांतरण कर दिया गया। विरोध प्रदर्शन के बाद ढाई सौ स्थानांतरण संशोधित कर दिए गए। हमारी मांग है कि स्थानांतरण निरस्त किए जाएं या फिर दूरी वाले स्थानों में संशोधन किया जाए। स्थानांतरण रद्द न होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सुबह 8 बजे ही सभी स्वास्थ्य कर्मी लखनऊ के लिए रवाना हो गए। सीएमओ कार्यालय में लिपिक न होने से स्वास्थ्य प्रमाणपत्र नहीं बने। जेएसवाई के भुगतान सहित डाटा फीडिंग का काम भी प्रभावित रहा।