पाटन। गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से गुरुवार को तहसीलदार ने राजस्व अधिकारियों के साथ बीघापुर तहसील क्षेत्र के 12 गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मालियत का आकलन करने के लिए करीब 10 किलोमीटर पैदल सर्वे किया। इन गांवों की जमीन के क्रय-विक्रय पर पहले ही रोक लगा दी गई है।
तहसीलदार दिलीप कुमार ने राजस्व टीम के साथ मिया गंज गांव से सलेथू तक पैदल भ्रमण किया। इस दौरान गंगा एक्सप्रेसवे में आ रही जमीनों पर आबादी, नलकूप व अन्य कई बिंदुओं पर भूमि संख्या वार निरीक्षण किया। तहसीलदार ने बताया कि एक्सप्रेसवे के लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूखंडों की मालियत आंकने के लिए संबंधित भूमि संख्या पर कई बिंदुओं में निरीक्षण किया जाता है।
इसके बाद ही मुआवजे की धनराशि का निर्धारण होता है। निरीक्षण के दौरान कानूनगो धनीराम, लेखपाल अमरेश, पंकज, उमाशंकर समेत कई अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। उधर, गंगा एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में बीघापुर तहसील क्षेत्र के 19 गांव में संबंधित भूखंडों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। उपनिबंधक को भेजे गए पत्र में बताया गया कि जिला स्तर पर भूमि अधिग्रहण संबंधी कार्रवाई कार्यदायी संस्था यूपीडा की ओर से नामित अधिकारियों द्वारा प्रारंभ की जा चुकी है।
गंगा एक्सप्रेसवे के छह लेन मार्ग के लिए बीघापुर तहसील के मियागंज, अटवट, कटहर, सलेथू, गढ़ाकोला, तेवरिया, भाटमऊ, ममरेजपुर, पनहन, रामखेड़ा, मलौना, हिंदूपुर, पुरंदरपुर, बिहार, सहिला, गौरा, आकमपुर, मवैया व दगौरा गांव चिह्नित है। निर्देश दिए गए हैं कि इन गांवों की संबंधित भूमि का क्रय विक्रय न किया जाए। प्रभारी सब रजिस्ट्रार आलोक सिंह ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन किया जा रहा है।