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मकूर में लगेगी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमाः कुलश्रेष्ठ

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विजय दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में संबोधित करते पुष्पेंद्र कुनश्रेष्ठ। संवाद - फोटो : UNNAO
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उन्नाव। अमृत महोत्सव समिति की ओर से रामलीला मैदान में विजय दिवस पर एक जनसभा हुई। इसमें राष्ट्रवादी विचारक व वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि मकूर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगेगी। इस दौरान शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। संस्कृति को संरक्षित व महापुरुषों के इतिहास को समाज में जीवंत रखने वालों को स्मृति चिह्न दिए। सैकड़ों लोगों ने मैदान में एक साथ खडे़ होकर वंदेमातरम का गायन किया।
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जनसभा में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि उन्नाव के मकूर में नेताजी सुभाष चंद्र बोस आए थे। मकूर में ही फारवर्ड ब्लाक की स्थापना की थी लेकिन किसी भी राजनैतिक दल ने नेताजी को सम्मान देने के बारे में नहीं सोचा। कुछ युवाओं ने एक टीम बनाई है जो महापुरुषों को सम्मान देने का काम कर रही है। इन्हीं युवाओं ने 23 जनवरी को नेताजी के जन्मदिन पर मकूर में बने चबूतरे पर प्रतिमा स्थापित करने की बात कही है। पुलिसकर्मियों से सवाल करते हुए कहा कि क्या उन्हें बताया जाता है कि वर्दी क्यूं बनी थी। आज भी हमारे यहां अंग्रेजों के जमाने के कानून चल रहे हैं।
पत्रकारों से बातचीत में असदुद्दीन ओवैसी को लेकर पूछे गए सवाल पर पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि उन पर क्या टिप्पणी करें। वह तो हमेशा झूठ बोलते हैं। उन्होंने कहा था कि शाहीन बाग प्रदेश में दोहराया जाएगा लेकिन आज तक उसकी हिम्मत नहीं पड़ी। मथुरा मंदिर के नवनिर्माण के सवाल पर पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने कहा कि 1991 में संसद में पास एक कानून के तहत आप न काशी का मुद्दा उठा सकते हैं और न मथुरा का लेकिन जनता किसी संविधान से नहीं बंधी है। काशी नवनिर्माण से इसे समझा जा सकता है। मथुरा के केस में एक बड़ा फ्राड आया। मथुरा में प्रदेश के एक पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार के गवर्नर द्वारा कृष्ण जन्म भूमि के ऊपर एक फ्री ट्रस्ट बनाया गया। इस ट्रस्ट के माध्यम से 1965 में वहां पर ईदगाह बनी। 1947 में ईदगाह नहीं थी।
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