उन्नाव। कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सुनने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं। यह कथा देव प्राप्ति का मार्ग खोलती है। इसलिए कलियुग में इसे मुक्तिदाता माना गया है। कथा शुरू होने से पहले सुबह दस बजे भव्य कलश यात्रा निकाली गई।
उन्नाव-शुक्लागंज मार्ग पर शेखपुर-करोवन मोड़ के निकट समाज सेवी अंशू गुप्ता द्वारा आयोजित कथा का शुभारंभ विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने दीप जलाकर किया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक लोग कथा सुनें और प्रेम व भक्ति के रस में सराबोर हो जाएं। भगवताचार्य देवकीनंदन ठाकुर ने कथा शुरू करते हुए कहा कि सनकादिक ऋषि ने भी कलियुग में मानव के कल्याण के लिए भागवत कथा के माहात्म्य बताया है। इस ग्रंथ को वेद पुराणों का सार माना जाता है। व्यास जी ने भगवत प्राप्ति का ग्रंथ लिखा। इसका नाम भागवत रखा। संत वह है जो किसी के सुख को देखकर दुखी न हो और असंत वह है जो किसी के भी सुख को देखकर दुखी हो जाता है। इस अवसर पर सदर विधायक पंकज गुप्ता, एमएलसी अरुण पाठक, ब्लाक प्रमुख नीरज गुप्ता, दिलीप दीक्षित, आयोजनकर्ताओं में कमलेश गुप्ता, शिवकुमार गुप्ता, मनीष गुप्ता, मनीष सिंह सेंगर, लक्ष्य निगम मौजूद रहे।
विधानसभा अध्यक्ष की ओर इशारा करते हुए देवकीनंदन ने कहा कि अटल जी के बाद आज बहुत समय बाद किसी राजनेता को भारतीय संस्कृति के सूचक धोती कुर्ता पहने देखा है। मेरी इच्छा है कि युवा पीढ़ी देश की पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। धोती, कुर्ता, तुलसी की माला, कलावा और शिखा सनातन धर्म की शान और पहचान है। कथा के दौरान देवकीनंदन ने ‘तारा है सारा जमाना श्याम हमको भी तारो’ समेत कई भजन भी सुनाए। इस दौरान पंडाल में मौजूद महिला और पुरुष श्रोता भक्तिरस में सराबोर होकर थिरकने लगे। सभी तालियां बजाते और भजन गाते हुए कथा का आनंद लिया।