हजरतगंज में किसान के आग लगाने के बाद उसके घर पर जांच करती पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी। संवाद
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हसनगंज। खाते में प्रधानमंत्री आवास के रुपये न आने व जमीन विवाद में पुलिस के रुचि न लेने से परेशान मलझा गांव निवासी किसान ने शनिवार सुबह लखनऊ विधानसभा गेट से कुुछ दूरी पर हजरतगंज चौराहा के पास पेट्रोल डालकर आग लगा जान देने का प्रयास किया। पुलिस ने आग बुझाई और पास के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया। डीएम व एसपी ने लखनऊ पहुंचकर पीड़ित से जानकारी ली। इसके बाद एसडीएम व सीओ हसनगंज को किसान के गांव भेजकर जांच कराई।
महेश रावत के अनुसार उसके पास एक बीघा 17 बिसुआ जमीन है। परिवार के चचेरे भाई सुखलाल, नन्हक्के से इसी जमीन पर कब्जेदारी को लेकर चकबंदी में मुकदमा चल रहा है। इस बार प्रधानी का चुनाव भी उसने लड़ा। इसमें तीन वोट मिले थे। हार के बाद वह लखनऊ में सहादतगंज में किराये का कमरा लेकर परिवार के साथ रहने लगा। आरोप है कि उसे प्रधानमंत्री आवास योजना में घर मिला था लेकिन पूर्व प्रधान, सचिव व वीडीओ की मिलीभगत से अब तक आवास का 40 हजार रुपये उसे नहीं मिला। इससे वह परेशान रहने लगा। शनिवार सुबह उसने आत्मदाह का प्रयास किया। लखनऊ से जानकारी मिलते ही डीएम रवींद्र कुमार व एसपी दिनेश त्रिपाठी लखनऊ पहुंचे और अस्पताल में पीड़ित का हालचाल लेने के साथ ही उसकी समस्या जानी।
डीएम ने एसडीएम रामदत्त राम व सीओ आरके शुक्ल को जांच के लिए पीड़ित के गांव भेजा। दोनों अधिकारी गांव पहुंचे और महेश के परिजनों से जानकारी ली। जांच के बाद एसडीएम ने बताया कि पीड़ित का चचेरे भाइयों से जमीन का विवाद है। मुकदमा चकबंदी न्यायालय में विचाराधीन है। ग्राम विकास अधिकारी शिल्पी यादव ने बताया कि पीड़ित के खाते में प्रधानमंत्री आवास के 1.30 लाख रुपये पहुंच चुके हैं। इसके प्रमाण भी उनके पास मौजूद हैं। उसके लगाए गए आरोप निराधार हैं।
हजरतगंज चौराहे पर महेश रावत ने आत्मदाह का प्रयास किया। उसके पास एक बीघा 17 बिसुआ जमीन है। इसका मुकदमा चकबंदी न्यायालय में चल रहा है। एसडीएम और सीओ की जांच में पाया गया है कि जमीन पर महेश का कब्जा अनवरत चला आ रहा है। कब्जे को लेकर किसी प्रकार का कोई विवाद नहीं है। अन्य बिंदुओं की अलग से जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-रवींद्र कुमार, डीएम