बांगरमऊ। ग्राम अतरधनी में लाही के खेत में सिंचाई के लिए मेड़ बनाने के दौरान किसान दंपती हाईटेंशन लाइन के पोल में उतरे करंट की चपेट में आ गए। इससे घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई। गुस्साए परिजनों व ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के अभियंताओं पर कार्रवाई की मांग कर बांगरमऊ-लखनऊ मार्ग पर चार घंटे जाम लगा दिया। सीओ और एसडीएम के आश्वासन के बाद परिजनों का आक्रोश कम न होता देख एडीएम, एएसपी व क्षेत्रीय विधायक मौके पर पहुंचे। उन्होंने और आर्थिक सहायता राशि व जमीन का पट्टा दिलाने का आश्वासन दिया। इस पर परिजन शांत हो गए।
फतेहपुर चौरासी के पतौली के मजरा टांडामीता निवासी कुंवारे (45) उर्फ कुंवर पाल गांव के ही मतलूफ का खेत बटाई पर लिए हुए था। खेत में उसने सरसों की फसल बोई थी। मंगलवार सुबह अपनी पत्नी कमला (41) के साथ खेत पहुंचा और सिंचाई के लिए मेड़ बनाने लगा। खेत में लगे हाईटेंशन लाइन के पोल में करंट उतरने से दोनों पोल में चिपक गए। आसपास खेतों पर काम कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया। पुलिस की मदद से विद्युत आपूर्ति बंद कराई गई। परिजन व सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विद्युत विभाग पर लापरवाही का आरोप लगा बांगरमऊ-लखनऊ मार्ग जाम कर दिया। एसडीएम रश्मि सिंह, सीओ आशुतोष कुमार व तहसीलदार तरुण प्रताप सिंह के साथ मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया।
एडीएम राकेश कुमार व एएसपी शशि शेखर सिंह ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को शांत कराने का प्रयास किया। क्षेत्रीय विधायक बंबालाल दिवाकर ने एक्सईएन जयप्रकाश से नाराजगी जताई। एक्सईएन ने मृतक दंपती को विभाग से मिलने वाली पांच-पांच लाख की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया। एसडीएम ने दो आवासीय पट्टा दिलाने व जांच करा कार्रवाई का भरोसा दिया। इस पर परिजन शांत हो सड़क से हट गए। पुलिस ने किसान दंपती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चार घंटे सड़क जाम से वाहनों की लाइन लग गई। तीन थानों की पुलिस ने तीन किमी तक लगे जाम को मशक्कत के बाद खुलवा आवागमन सामान्य कराया।
20 वर्ष पहले यहीं हाईटेंशन लाइन खेत में टूटकर गिर गई थी। मृतक कुंवरे के पिता डोरीलाल की तार की चपेट में आकर मौत हो गई थी। विद्युत विभाग की लापरवाही से पहले पिता और अब बेटे व बहू की जान जाने से ग्रामीणों में विभाग के प्रति आक्रोश है। ग्रामीणों ने दोषियों पर रिपोर्ट दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मृतक के दो बेटे कमलेश व मिथलेश दिल्ली में रहकर मजदूरी करते हैं। गांव में अविवाहित बहन राधा, माता-पिता के साथ रहती थी। बड़ी बेटी मंजू की शादी हो चुकी है। माता-पिता की मौत की सूचना फोन पर बेटों को दी गई तो वह बदहवास हो गए। दोनों ने जल्द घर पहुंचने की बात कही। वहीं माता-पिता के शवों को देख बेटी राधा बेहाल है। राधा ने बताया कि उसके पिता के पास मात्र पांच बिसुआ खेती है। वह दूसरों की जमीन बटाई पर लेकर परिवार का गुजारा चलाते थे।
कुंवारे का फाइल फोटो।- फोटो : UNNAO
कुंवारे व कमला की मौत पर जाम लगाए परिजन व ग्रामीण। संवाद- फोटो : UNNAO