कोतवाली में मौजूद हत्यारोपी राशिद।
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उन्नाव। बैग कारीगर की हत्या उसके जिगरी दोस्त राशिद ने की थी। पुलिस के हाथ लगने के बाद हत्यारोपी ने नशेबाजी में विवाद के बाद दो गोलियां मारकर हत्या की बात कबूल की है। पोस्टमार्टम के दौरान एक्सरे की मदद से मृतक के शरीर में डॉक्टरों को एक बुलेट बाएं कान के पास व दूसरी गर्दन के बाईं ओर फंसी मिली है। पुलिस घटना में नामजद अन्य दो की संलिप्तता की जांच कर रही है।
जेरधुस निवासी 35 वर्षीय बैग कारीगर नफीस उर्फ मानू भूरीदेवी में जावेद की बैग फैक्टरी में काम करता था। पुलिस के अनुसार इसी फैक्टरी में चटाई मोहल्ला निवासी राशिद भी काम करता था। इससे नफीस और राशिद के बीच गहरी दोस्ती थी। रविवार को राशिद को नफीस के साथ बाइक में बैठे देखा गया था। रात 9:30 बजे नफीस की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। नफीस के पिता अब्दुल गनी ने राशिद, सलमान व दानिश के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने रात में ही राशिद को हिरासत में ले लिया था। कोतवाल अखिलेेश पांडेय ने बताया कि राशिद सेे पूछताछ में पता चला कि रात में वह नफीस की बाइक से चटाई मोहल्ला निवासी राहुल के खंडहरनुमा घर पहुंचा। सूनी गली में अंधेरा होने से बाइक गली में खड़ी कर उसे लॉक कर दिया और राहुल के चबूतरे पर बैठकर शराब पी। नशे में होने के दौरान उसका नफीस से विवाद हो गया। इस पर उसने नफीस पर दो गोलियां दाग दीं और भाग निकला। हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।
तीन भाइयों में नफीस सबसे छोटा था। मंझला भाई फहीम बड़ौदा में नौकरी करता है। सबसे बड़ा भाई अलीम घर पर ही रहता है। मृतक नफीस के पिता अब्दुल गनी ने बताया कि नफीस को उसके मंझले बेटे ने बड़ौदा बुलाया था। यदि वह भाई के पास चला जाता तो उसकी जान बच जाती।
नफीस की एक साल पहले ही अनीसा बेगम से शादी हुई थी। घटना के समय पत्नी मायके में थी। घटना की सूचना पर वह ससुराल पहुंची और पति की मौत पर बिलख पड़ी। पति की मौत के साथ उसके सपने चकनाचूर हो गए।