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गरीबों के हक पर डाल रहे डाका

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उन्नाव। जिले में तीन लाख से ज्यादा गेहूं और चावल बेचने वाले 220 किसान कार्डधारक बनकर हर माह पर सस्ती दर पर मिलने वाला खाद्यान्न ले रहे हैं। गरीबों के हक पर डाका डालने वाले इन लोगों की पोल खुलने पर सत्यापन के बाद राशनकार्ड निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
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वित्तीय वर्ष 2020-21 में जिले के 220 किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत सरकारी क्रय केंद्रों पर तीन लाख से अधिक राशि का धान और गेहूं बेचा था। एनआईसी उत्तर प्रदेश द्वारा की गई पड़ताल में पता चला कि इन किसानों के परिवार की महिला सदस्य के नाम से राशनकार्ड भी है। इन किसानों का भी नाम कार्ड में दर्ज है। बाकायदा हर माह कार्डों पर खाद्यान्न भी उठ रहा है। एनआईसी ने यह रिपोर्ट खाद्य आयुक्त को भेजी। आयुक्त एवी राजमौली ने डीएम को भेजे पत्र में कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के सभी सदस्यों की आय दो लाख प्रति वर्ष से अधिक होने वाले परिवारों को पात्र गृहस्थी कार्डधारक की श्रेणी से बाहर रखा जाना चाहिए। इन 220 किसानों ने साल में तीन लाख से अधिक का धान व गेहूं बेचा है। इसलिए यह अपात्र हैं। इन किसानों का सत्यापन कराकर अपात्र पाए जाने पर राशनकार्ड निरस्त करने की कार्रवाई करके रिपोर्ट दें। डीएम रवींद्र कुमार ने सभी उपजिलाधिकारियों को सूची सहित पत्र जारी करके सत्यापन करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए।
हसनगंज के रामसागर ने वित्तीय वर्ष 2020-21 में 7.72 लाख का धान व गेहूं सरकारी क्रय केंद्र पर बेचा था। शिवकली के नाम से जारी राशनकार्ड में रामसागर का नाम है। यह हर माह नियमित रूप से सरकारी खाद्यान्न भी उठाते हैं। बांगरमऊ के किसान शैलेंद्र ने 7.08 लाख की उपज (धान, गेहूं) बेची थी। इनके यहां कुसुमा देवी के नाम से राशनकार्ड बना हुआ है। कार्ड में शैलेंद्र का नाम बेटे के रूप में दर्ज है। जून और जुलाई माह में 30-30 किलो खाद्यान्न लिया गया। हसनगंज के ही किसान भगवानदीन ने 8.13 लाख का धान व गेहूं सरकारी केंद्र पर बेचा था। इनके ही नाम से राशनकार्ड भी बना हुआ है। घर में चार सदस्य हैं। जून व जुलाई माह में 20-20 किलो खाद्यान्न कोटेदार के यहां से लिया।
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खाद्य आयुक्त ने 220 किसानों की सूची सत्यापन के लिए भेजी है। इन किसानों ने तीन लाख से अधिक राशि का धान व गेहूं बेचा था। इसके बाद भी इनके राशनकार्ड बने हुए हैं। हर माह सरकारी खाद्यान्न भी लिए जाने की पुष्टि हुई है। इन कार्डधारकों का सत्यापन के बाद राशनकार्ड निरस्त किया जाएगा।
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-रामेश्वर प्रसाद, जिला पूर्ति अधिकारी
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