बाघ की चहलकदमी की ग्रामीणों से जानकारी लेतीं डीएफओ ईशा तिवारी। संवाद
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औरास। उन्नाव से हरदोई तक बाघ की दहशत बनी है। तलाश में छठवें दिन मंगलवार को सुबह से वन विभाग की टीम ने औरास ब्लाक के उमराय खेड़ा से आगे बाघ के पद चिह्नों की तलाश शुरू की। आठ किमी में पंजे के डेढ़ सौ निशान मिले। रेंजर देवदत्त पाल ने बताया कि जिले की सीमा से बाहर जा चुका बाघ फिर लौट सकता है। टीमें अभी भी दिन रात अलर्ट हैं। लगातार नजर रखी जा रही है।
मंगलवार सुबह डीएफओ ईशा तिवारी ने लखीमपुर के दुधवा नेशनल पार्क से आई एक्सपर्ट और वन विभाग की टीम के साथ औरास के उमराय खेड़ा के पास से सर्च अभियान की शुरुआत की। टीम बाघ के पंजों का पीछा करते हुए अल्दौं, ताल्ही, हाथी खेड़ा, हलबल खेड़ा होते हुए मर्दन खेड़ा बाजार तक पहुंची। आठ किमी की दूरी में टीम को बाघ के पंजे के निशान मिले। डीएफओ ने ग्रामीणों से भी जानकारी ली और पंजों के निशान का पीछा करते हुए आगे बढ़ रही थीं। इसी दौरान दोपहर सूचना मिली कि हरदोई के बेहंदर ब्लाक के गांव नंदौली में बाघ ने खेत में काम कर रहे तीन किसानों पर हमला कर घायल कर दिया है। इस पर डीएफओ और लखीमपुर से आए दुधवा पार्क के सहायक परियोजना अधिकारी वन राधेश्याम भार्गव और सहायक परियोजना अधिकारी प्रेमचंद्र मौर्य हरदोई रवाना हो गए। डीएफओ ने बताया छह दिन में घटना स्थल रामपुर गढ़ौवा से तीस किमी क्षेत्र में कांबिग की गई है।