जिला अस्पताल में तीन हत्यारोपियों का मेडिकल परीक्षण कराती पुलिस। संवाद
उन्नाव। यूट्यूबर प्रेमी और अन्य दो लोगों के साथ मिलकर पति की हत्याकर शव हाईवे पर फेंकने के मामले में पुलिस ने मेडिकल कराकर न्यायालय में पेश किया, जहां से चारों को जेल भेज दिया गया। चौथे हत्यारोपी को परिवार के लोग नाबालिग बता रहे थे वह आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथि में बालिग साबित हुआ।
गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के कंचननगर मोहल्ले में मकान मालिक किशन यादव के घर में किराए पर रह रहे सोनू रावत (25) की पत्नी नेहा ने अपने यूट्यूबर प्रेमी जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल के साथ मिलकर 20 अक्तूबर को सिलबट्टे से सिर पर वार कर हत्या कर दी थी। शव को बक्से में बंद कर ठिकाने लगाने में सीताराम कॉलोनी मोहल्ला निवासी तौहीद और उसके साथी मिश्रा कॉलोनी निवासी शिवकुमार उर्फ शिवा जो बाल अपचारी बताया जा रहा था उसका सहयोग लिया था। चारों ने शव बक्से में बंद कर भाड़े पर लोडर लेकर रात में शव उन्नाव-रायबरेली हाईवे पर ललऊखेड़ा के पास एक मेडिकल सेंटर के सामने फेंक दिया था। पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस को जांच के दौरान बाल अपचारी का आधार कार्ड मिला, जिसमें उसकी उम्र 18 साल निकली। बृहस्पतिवार को पुलिस ने तीन आरोपियों का जिला अस्पताल और हत्यारोपी पत्नी का महिला अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद दोपहर करीब 12:30 बजे न्यायालय में पेश किया। वहां से चारों को 14 दिन की रिमांड पर लिया है। उधर पति के जेल जाने के बाद हत्यारोपी जितेंद्र उर्फ राहुल की पत्नी खुशबू के आगे खुद और बच्चे के पालन-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है। उसका कहना है कि अब वह कैसे किराया देगी और पालन-पोषण करेगी। उसने बताया कि सोनू और नेहा के बीच आए दिन होने वाले विवाद में वह खुद समझाने जाती थी। पति नेहा से बात करते थे लेकिन यह नहीं पता था कि उनका प्रेम संबंध भी हैं। हत्या के बाद यह सब पता चला। हत्यारोपी पत्नी पुराने कमरे को खाली कर आई थी। कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि रात में कथित बाल अपचारी का आधार कार्ड मिला था। वह भी बालिग साबित हुआ है।
जिला अस्पताल में तीन हत्यारोपियों का मेडिकल परीक्षण कराती पुलिस। संवाद