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भागवत कथा अमृत समान, मिलता है मोक्ष: उपेंद्र शास्त्री

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संवाद न्यूज एजेंसी
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सफीपुर। श्रीमद्भागवत कथा ही एकमात्र शास्त्र है जिसके ज्ञान से मनुष्य को मोक्ष की प्राप्ति संभव है। यह मनुष्य के जीवन में सुखों का संचय करने वाली होती है। पं. उपेंद्र शास्त्री ने मोहल्ला सराय सूबेदार में चल रही कथा में यह बात कही।
श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत हमें प्रेरणा देती है और कलयुग में जीवन को कलात्मक ढंग से जीने का मार्ग प्रशस्त करती हैं। मनुष्य अमृत पी ले और उसके व्यवहार में कोई बदलाव न हो तो उस अमृत पीने का कोई लाभ नहीं है। बताया कि राहु ने भी अमृत पीया और अमर हो गए, लेकिन उसके व्यवहार में कोई परिवर्तन नहीं होने के कारण उसे कोई लाभ नहीं मिला।
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धुंधकारी जैसे पापी भी कथामृत श्रवण करने मात्र से मोक्ष को प्राप्त किया। भागवत कथा अमृत समान है। इस मौके पर रामशरण गुप्ता, हरिशरण लाला, श्यामू गुप्ता, रामू गुप्ता, हर्ष गुप्ता व विजय गुप्ता ने कथा श्रवण की।
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भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने की जरूरत: छबील दास

औरास। विकासखंड के मिर्जापुर अजिगांव में चल रहे 51 कुंडीय रुद्र गायत्री महायज्ञ व श्रीराम कथा सुनने के लिए रविवार शाम को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। हरिद्वार से आई टोली ने श्रीराम कथा सुनाई।
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टोली नायक छबील दास मिश्रा ने बताया कि राम कथा सुनने से मन का शुद्धिकरण होता है। इससे संशय दूर होता है और शांति व मुक्ति मिलती है। कहा कि भगवान की कथा भक्तों को प्यारी लगती है। जब ज्ञान का स्पर्श होता है तब अहंकार का नाश हो जाता है। श्रीराम में वह अहंकार नहीं था। उन्होंने धनुष उठाया और उनका विवाह सीता से विवाह हुआ। कहा कि श्रद्धालुओं को अपने जीवन में भगवान श्रीराम के आदर्शों व व्यक्तित्व को उतारने की जरूरत है। राम उजागर, धीरेंद्र तिवारी, ओमकार कौशल किशोर, राम बहादुर ने कथा सुनाई। इस मौके पर आयोजक बीरेंद्र सिंह सेंगर, कमल द्विवेदी, वीरु सोनी व हीरा सिंह आदि मौजूद रहे।
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