उन्नाव। सदर तहसील के दो ग्राम पंचायतों की जमीन का सर्वे 29 साल बाद भी पूरा न कर पाने पर विभाग के 69 अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। राजस्व परिषद के निर्देश पर सिटी मजिस्ट्रेट ने इस समयावधि में सर्वे विभाग में तैनात रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की लिस्ट तैयार कराई है। सभी को नोटिस जारी की जा रही है। सूत्रों के अनुसार राजस्व परिषद सभी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
मालूम हो कि सदर तहसील की ग्राम पंचायत मझरा पीपर खेड़ा एहतमाली में वर्ष 1991 से और कटरी पीपर खेड़ा गांव में वर्ष 1995 में सदर तहसील ने 50 फीसदी से अधिक भूमि नंबरों में अंतर (भूमि नंबर कहीं और कब्जा कहीं और) होने पर राजस्व परिषद को इन दोनों गांवों का सर्वे कराने की मांग की थी। अधिकतम एक साल का यह काम 29 साल में भी पूरा नही हो पाया। इस दौरान जमीन की खरीद-फरोख्त, दाखिल-खारिज और निर्माण तेजी से जारी रहा।
कमिश्नर के निर्देश पर हुई जांच में सर्वे विभाग की लापरवाही सामने आने पर लखनऊ कमिश्नर मुकेश मेश्राम ने जुलाई महीने में अपनी रिपोर्ट उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद को भेज दी। राजस्व परिषद ने जिलाधिकारी रवींद्र कुमार को 29 साल की इस समयावधि में इन दोनों गांवों में तैनात रहे सर्वे विभाग के कर्मचारियों का ब्यूरो जुटाने के निर्देश दिए। जांच कराई गई तो सामने आया कि इन 29 वर्षों में यहां 15 एआरओ (सहायक भूलेख अधिकारी) 30 कानूनगो और 24 लेखपाल तैनात रहे। विभागीय सूत्रों के अनुसार राजस्व परिषद सभी 69 अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी में है।
सिटी मजिस्ट्रेट चंदन कुमार पटेल ने बताया कि सभी को नोटिस भेजकर जवाब मांगा जाएगा। इन कर्मचारियों को यह स्पष्ट बताना होगा कि वह सर्वे का काम पूरा क्यों नहीं कर पाए।