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मुकदमे की जांच न करने पर दरोगा निलंबित

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औरास। पच्चीस दिन पहले एक युवक की ससुराल में जहर खाने से मौत के मामले की विवेचना में लापरवाही बरतने वाले दरोगा को एसपी ने निलंबित कर दिया है। दरोगा ने सही जांच न कर सिर्फ आरोपों के आधार पर नामितों को जेल भेजने की धमकी दी थी। इसकी शिकायत मिलने के बाद एसपी ने मंगलवार को खुद मौके पर जाकर जांच की थी।
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औरास थानाक्षेत्र के लोधाटीुकर गांव निवासी मान सिंह (25) की ढाई साल पहले हसनगंज के बघवाकोला गांव निवासी नन्हा सिंह की बेटी नीलम से शादी हुई थी। शादी के बाद से ही लड़का अपनी ससुराल में रह रहा था। गत 3 मई को उसकी जहर खाने से हालत बिगड़ गई थी। ससुराल के लोगों ने उसे स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया जहां से ट्रामासेंटर लखनऊ रेफर कर दिया गया था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई थी। मृतक के पिता शिवबक्श ने मृतक के सास, ससुर व पत्नी पर मान सिंह को प्रताड़ित करने, जिससे ऊबकर आत्महत्या करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
रिपोर्ट दर्ज होेने के बाद दारोगा द्वारा सही जांच न कर आरोपों के आधार पर जेल भेजने की धमकी देने की शिकायत एसपी से की गई। मामले की जानकारी होने पर एसपी रतन कुमार श्रीवास्तव मंगलवार को खुद जांच की। वह पहले मृतक के गांव लोधाटीकुर गए इसके बाद उसकी ससुराल बघवाकोला गांव पहुंचे। एसपी ने दोनों पक्ष के लोगों से अलग-अलग बात की। जांच में पिता की यह बात झूठ पाई गई कि मान सिंह पत्नी को विदा कराने गया था। जांच में पता चला कि मान सिंह शादी के बाद से ही ससुराल में रह रहा था। कुछ ऐसे कारण थे जिनके चलते वह ससुराल नहीं जाना चाहती थी और पिता मान सिंह पर ससुराल के बजाए घर में रहने का दबाव बना रहा था। इसी से परेशान होकर उसने जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी।
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एसपी ने बताया कि आईओ एसआई अनिल अवस्थी ने सही तरीके से जांच नहीं की। पाया गया कि वह सिर्फ वादी के घर गए और उनके बयान दर्ज किए जबकि नियमानुसार उन्हें घटना स्थल पर जाना चाहिए था और आरोपियों के बयान भी दर्ज करने चाहिए थे। एसपी रतन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि एसआई को निलंबित कर दिया गया है।
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