उन्नाव। एक तरफ शहर में सफाई व्यवस्था खस्ताहाल है तो दूसरी तरफ नगर पालिका की हीलाहवाली चरम पर है। मार्च 2021 में शहर में आए 29 लोडर(ट्रिपर) आज तक काम नहीं लाए जाने से कबाड़ हो रहे हैं। पालिका ने कूड़ा उठाने के लिए 2.45 करोड़ से 35 लोडर खरीदे थे लेकिन कंपनी ने 29 ही भेजे। बाकी के बचे छह लोडरों के आने के इंतजार व तकनीकी परीक्षण के इंतजार में यह 29 लोडर जलकल कार्यालय परिसर में खड़े जंग खा रहे हैं।
नगर पालिका ने मार्च 2021 में जेम पोर्टल के माध्मय से लखनऊ की फर्म से 35 लोडर (ट्रिपर) खरीदे थे। एक की कीमत 7 लाख रुपये है। योजना थी कि शहर के सभी 32 वार्डों में एक-एक लोडर आरक्षित कर नियमित कूड़ा उठाने की व्यवस्था कराई जाएगी लेकिन आपूर्ति करने वाली एजेंसी ने सिर्फ 29 लोडर ही आपूर्ति किए। इससे
पालिका अधिकारी बाकी बचे 6 लोडरों का इंतजार करते हुए उनके आने के बाद तकनीकी मुआयना और एक साथ रजिस्ट्रेशन कराने की बात कहते रहे लेकिन करीब 9 महीने बाद भी यह प्रक्रिया पूरी न होने से आए लोडर भी उपयोग में नहीं लाए जा सके। हालत यह है कि लोडर में लगे गीले व सूखे कूड़े को अलग-अलग भरने के कंटेनर जंग लगने से खराब हो रहे हैं। किसी की बैटरी खराब हो रही है तो किसी में चूहों ने वायरिंग काट दी है।
अगस्त महीने में यहां तैनात रहे तत्कालीन ईओ मणिभूषण तिवारी ने आपूर्ति करने वाली लखनऊ की फर्म को नोटिस भेजकर तत्काल बाकी बचे लोडर आपूर्ति करने के निर्देश दिए थे। लेकिन उनका तबादला होने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
नगर पालिका ने इसी फर्म से 75 रिक्शा ट्राली (एक की कीमत 30 हजार रुपये), 100 हाथ ठेला (एक की कीमत 8 हजार रुपये) की खरीद की थी लेकिन सिर्फ फर्म ने 50 हाथ ठेला (व्हील बैरो) आपूर्ति किए थे। जिनकी गुणवत्ता पर सभासदों की ओर से सवाल उठाए जाने के बाद पालिका ने फर्म को लौटा दिए थे।
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सदर एसडीएम/ प्रभारी नगर पालिका ईओ सत्यप्रिय सिंह ने बताया कि उपकरणों की गुणवत्ता और मानक टेंडर की शर्तों के अनुरूप होने की जांच करके के अनापत्ति प्रमाणपत्र देने के लिए अधिकृत कानपुर की एजेंसी को पत्र लिखा गया है। जल्द ही तकनीकी जांच की प्रक्रिया पूरी कर उपलब्ध सभी ट्रिपर का परिवहन विभाग से रजिस्ट्रेशन कराने के बाद उपयोग में लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फर्म ने जो हाथ ठेलिया आपूर्ति की थी उनके पहिए छोटे और वजन में भी हल्के थे। इसपर लौटा दिया गया था। बताया कि फर्म को बड़े पहिए वाली ठेलिया उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।