यूपी के बिजनौर में शिक्षण संस्थानों में सूर्य नमस्कार के खिलाफ उलेमा लामबंद हो गए हैं। जमीयत उलेमा ने डीएम को ज्ञापन देकर स्कूलों में पढ़ने वाले मुस्लिम छात्र-छात्राओं से सूर्य नमस्कार कराने पर आपत्ति जताई है।
डीएम को दिए ज्ञापन में उलेमाओं ने कहा कि सूर्य नमस्कार का तरीका इस्लाम धर्म व उससे मानने वालों के खिलाफ है। कुछ शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को आरएसएस व बीजेपी के कार्यक्रमों में ले जाकर सूर्य नमस्कार करवाया जा रहा है, जो गलत है।
मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में जमीयत उलेमा ने उन स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, जिन्होंने 18 फरवरी को मुस्लिम विद्यार्थियों से भी एक कार्यक्रम में सूर्य नमस्कार और मंत्रोच्चारण करवाया है।
सूर्य नमस्कार को धर्म से न जोड़ें
भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के वेस्ट यूपी अध्यक्ष बदर खान का कहना है कि सूर्य नमस्कार को किसी धर्म से नहीं जोड़ना चाहिए। सूर्य नमस्कार एक आदर्श योग है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है।