उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री राम गोविंद चौधरी ने कहा कि शिक्षा मित्रों को सहायक अध्यापक बनाते ही जनपद के एकल व बंद पडे़ विद्यालयों में तैनात किया जाएगा। छह माह बाद दोबारा उनके अभिलेखों की जांच की जाएगी। गड़बड़ी सामने आने पर संबंधित शिक्षा मित्र के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने ‘अमर उजाला’ से फोन पर बातचीत में बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा शैक्षिक उन्नयन के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। जिला स्तर पर गठित टीमों द्वारा शिक्षा मित्रों के अभिलेखों की जांच की जा रही है। प्रदेश में पारदर्शिता के साथ काउंसलिंग कराई जा रही है।
31 जुलाई तक काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इसके बाद सहायक अध्यापक बने शिक्षा मित्रों को उनके मूल तैनाती स्थल से बंद पडे़ व एकल शिक्षकों वाले स्कूलों में तैनात किया जाएगा। वहीं, सहायक अध्यापक बनाने के बाद भी विभागीय स्तर पर छह माह के अंदर मूल अभिलेखों की जांच कराई जाएगी।
इस दौरान फर्जी अंक पत्र मिलने पर संबंधित शिक्षा मित्र के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।