उत्तर प्रदेश में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव व प्रदेश प्रभारी अमित शाह ने अवध क्षेत्र के 14 जिलों में पार्टी के खराब प्रदर्शन की न सिर्फ वजहें तलाशीं बल्कि कार्यकर्ताओं में मिशन-2014 के लिए जोश भी भरा।
मौका मिलते ही 14 जिलों से आए प्रतिनिधियों ने चुनाव लड़ने वाले नेताओं को जमकर कोसा और जातीय समीकरण की दुहाई दी। मूल विचारधारा से भाजपा के हटने को हार की प्रमुख वजह ठहराया।
भाजपा अवध प्रांत की क्षेत्रीय बैठक में शनिवार को मिशन-2014 के लिए 16 लोकसभा क्षेत्रों से जुड़े 14 जिलों के प्रतिनिधियों को बुलाया गया था।
प्रदेश प्रभारी अमित शाह ने सभी से संवाद के लहजे में एक-एक कर अपने-अपने इलाके में संगठन की स्थिति, भाजपा के खराब प्रदर्शन की वजह समेत सुझाव मांगे।
1.हिंदुत्व के मुद्दे से पीछे हटना
ज्यादातर लोगों ने मूल विचारधारा यानि मंदिर निर्माण एवं हिंदुत्व के मुद्दे से पीछे हटने को जिम्मेदार ठहराया। साथ ही चुनाव लड़ने वाले नेताओं की तमाम नाकामी व कमजोरियां गिनाईं।
2. भाजपा का कमजोर जातीय समीकरण
तमाम लोगों ने भाजपा के कमजोर जातीय समीकरण को सपा और बसपा के बढ़ते वर्चस्व व अवध में भाजपा की खस्ताहाली की वजह बताया।
3.प्रत्याशी घोषित करने में भाजपा पीछे
कई लोगों ने यह भी मुद्दा उठाया कि सपा-बसपा ने प्रत्याशी घोषित कर रखा है जबकि इसमें हम पीछे हैं। इससे तैयारी प्रभावित होना लाजिमी है।
अमित ने कहा कि कार्यकर्ता ध्यान दें तो अवध क्षेत्र में हमारी पहचान 1991 जैसी होगी। उन्होंने कहा कि मूल विचारधारा पर वापस आने की बात कहां से उठती है।