चुनाव के दौरान आतंकी गतिविधियों के बारे में खुफिया जानकारी मिलने के बाद वाराणसी और चंदौली पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा संसाधन मुहैया कराने के लिए डीआईजी के माध्यम से डीजीपी को पत्र भेजा है। पत्र में वाराणसी पुलिस ने बताया है कि वाराणसी संसदीय सीट से भाजपा के पीएम कैंडीडेट नरेंद्र मोदी और जेड श्रेणी सुरक्षा प्राप्त पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल चुनाव मैदान में हैं। इस कारण वीवीआईपी का आवागमन पूरे चुनाव भर लगा रहेगा।
चुनाव के दौरान गड़बड़ी फैलाने के लिए सड़क के अलावा जल मार्ग से भी आतंकी और नक्सली मिर्जापुर तथा मुगलसराय होते हुए जिले की सीमा में घुस सकते हैं। इसे देखते हुए जलमार्गों की निगरानी के लिए भी पुलिस को पहले से तैयार रहना होगा। गंगा में निगरानी के लिए छह अत्याधुनिक नावों की आवश्यकता है। उधर, चंदौली की सीमा में कर्मनाशा नदी पर निगरानी के लिए वहां के एसपी ने भी फाइबर नावें मांगी हैं।
चंदौली एसपी ने पत्र में नक्सली और आतंकी गतिविधियों की आशंका जाहिर करते हुए हेलीकाप्टर के साथ १९ फाइबर नावें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। गाजीपुर जिले का भी एक हिस्सा नक्सल प्रभावित है लेकिन वहां से फाइबर नावों की अभी कोई मांग नहीं आई है। एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने इस संबंध में बताया कि निगरानी के लिए अत्याधुनिक संसाधनों से लैस फाइबर नावें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। जल मार्गों की निगरानी में एक्सपर्ट पीएसी की फ्लड कंपनी भी मांगी गई है।
मंदिर की एरियल वीडियोग्राफी कराई
काशी विश्वनाथ मंदिर पर हवाई हमले की साजिश की बात सामने आई है। खुफिया एजेंसियों ने पुलिस को अलर्ट जारी किया है कि आतंकियों ने मंदिर की एरियल वीडियोग्राफी कराई है और वे हवाई हमला कर सकते हैं।
इसकी भनक लगने के बाद ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। हालांकि अधिकारी इस मुद्दे पर सीधे कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं लेकिन उन्होंने आतंकी खतरे से इनकार भी नहीं किया है।
उनका कहना है कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हम तैयार हैं। ज्ञानवापी परिसर में काशी विश्वनाथ मंदिर एवं ज्ञानवापी मस्जिद दोनों स्थित है। इस लिहाज से हिंदू-मुसलमान दोनों के लिए यह स्थल बेहद संवेदनशील है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार दो माह पहले एक विदेशी नागरिक ने फ्लाइंग आब्जेक्ट (कैमकॉप्टर) के जरिये ज्ञानवापी परिसर का वीडियो फुटेज तैयार कराया था।
पकड़ी गई वीडियो रिकॉर्डिंग
खुफिया एजेंसियों को यह जानकारी देश के एक एयरपोर्ट पर कुछ विदेशियों से वीडियो रिकार्डिंग की फुटेज पकड़े जाने के बाद हुई। दरअसल दो माह पूर्व भेलूपुर थाना क्षेत्र में एक मिनी कैमकॉप्टर गिरा था, जिसे तीन विदेशी लेकर भाग गए थे।
क्षेत्र में इसकी चर्चा तो हुई लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया था। विदेशियों के पास से मंदिर के एरियल व्यू की फुटेज मिलने के बाद खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए और उन्होंने हवाई हमले के अंदेशे का अलर्ट जारी करते हुए मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को चौकस किए जाने को कहा है।
मंदिर की सुरक्षा से जुड़े सूत्रों की मानें तो इस पर काम भी शुरू हो गया है। एसपी (ज्ञानवापी सुरक्षा) एके पांडेय ने बताया कि आतंकी इनपुट के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त किया जा रहा है ताकि किसी भी आकस्मिक खतरे से पूरी मजबूती के साथ निपटा जा सके।
नो फ्लाई जोन घोषित करने की तैयारी
संवेदनशील क्षेत्र होने के बाद भी ज्ञानवापी परिसर अभी तक नो फ्लाइंग जोन नहीं है। एरियल रेकी की घटना के सामने आने के बाद ज्ञानवापी परिसर को नो फ्लाई जोन घोषित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। परिसर में लगे 40 फुट ऊंचे सभी नौ टावरों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को मुस्तैद कर दिया गया है। टावर की ऊंचाई बढ़ाने की भी योजना है। अलर्ट मिलने के दो दिन बाद मॉक ड्रिल कराकर पुलिस ने ज्ञानवापी परिसर की सुरक्षा जांची थी जिसमें कई खामियां पाई गई थीं, अब उन्हें दूर किया जा रहा है।
लोकसभा चुनाव के दौरान आतंकी और नक्सली नदियों के रास्ते किसी जिले की सीमा में घुसकर शांति बाधित करने का प्रयास कर सकते हैं। आईबी की इस सूचना पर पुलिस और स्थानीय खुफिया तंत्र के कान खड़े हो गए हैं। गंगा और कर्मनाशा नदी पर चौकसी के लिए वाराणसी और चंदौली पुलिस ने निगरानी में प्रयुक्त होने वाले अत्याधुनिक संसाधनों से लैस २५ फाइबर नावें उपलब्ध कराने की मांग डीजीपी से की है। साथ ही, जल मार्गों की निगरानी में एक्सपर्ट पीएसी की फ्लड कंपनी मुहैया कराने का अनुरोध किया है।