जूते पहनकर एक धार्मिक स्थल में घुसने और वहां वर्षों से लगे लाउडस्पीकर को जबरन बंद करने वाले एक पुलिसकर्मी के खिलाफ ग्रामीण भड़क गए। रविवार को हुई इस घटना के खिलाफ ग्रामीणों ने सोमवार को सीओ कार्यालय पहुंचकर पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सोमवार को भाजपा नगर अध्यक्ष आशु अग्रवाल के नेतृत्व में गांव खाईखेड़ी उर्फ कमालपुर के कई लोग सीओ कार्यालय पहुंचे।
नजीबाबाद सीओ को सौंपे शिकायती पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि गांव में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग आपसी सौहार्द के साथ रहते हैं। गांव में बने एक दूसरे समुदाय के दो धार्मिक-स्थलों में लगे लाउडस्पीकर पर किसी को आपत्ति नहीं हुई।
पुलिसकर्मी के खिलाफ शिकायत
आरोप है कि कुछ लोग गांव के माहौल को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। गांव की फिजा बिगाड़ने का प्रयास कर रहे कुछ लोगों के साथ पुलिस भी मिली हुई है। ग्रामीणों ने सीओ से धर्म विशेष के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले पुलिस कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उधर बागपत के सिंगोली तगा गांव में एक धर्मस्थल पर लगा लाउडस्पीकर उतारे जाने से सांप्रदायिक तनाव की स्थिति बन गई है। गांव के लोग सोमवार को डीएम और एसपी से मिलने पहुंचे।
उनका कहना है कि गांव के कुछ दबंग लोगों ने यह हरकत की है। लोगों का कहना है कि उनके धर्मस्थल पर करीब 20 सालों से लाउडस्पीकर लगा है। तीन जुलाई को कुछ दबंग किस्म के लोग वहां पहुंचे और लाउडस्पीकर उतारकर तोड़ डाला।
गांव में कोई तनाव नहीं
चांदीनगर के थाना प्रभारी सुबोध यादव ने बताया कि लाउडस्पीकर तीन जुलाई को उतारा गया है, लेकिन यह मामला तीन साल पुराना है।
उन्होंने बताया कि तीन साल पहले दो समुदायों के लोगों की मीटिंग हुई थी।
इसमें तय हुआ था कि दोनों अपने-अपने धर्मस्थल पर लाउडस्पीकर नहीं लगाएंगे। पिछले दिनों एक समुदाय के लोगों ने लाउडस्पीकर लगाया, तो दूसरे समुदाय के लोगों ने उतरवा दिया। गांव में तनाव जैसी कोई स्थिति नहीं है।