सुल्तानपुर। कौशल विकास से हम महिलाओं को सशक्त बना सकते हैं। महिलाओं में जागरूकता, शिक्षा व हुनर का विकास हो तो उनकी शक्ति बढ़ेगी। हमें सरकारी नौकरी की बजाय रोजगार के विकल्प पैदा करने होंगे। एक छोटी सी शुरुआत हमारा जीवन बदल सकती है।
ये बातें पुलिस अधीक्षक डॉ. विपिन कुमार मिश्र ने कहीं। वे शुक्रवार को राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मिशन शक्ति व अमर उजाला के अपराजिता 100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत छात्राओं को संबोधित कर रहे थे।
पुलिस अधीक्षक ने विभिन्न तरह के शिक्षण और प्रशिक्षण के माध्यम से महाविद्यालय की छात्राओं को सशक्त होने का संदेश दिया। कार्यक्रम में वे शिक्षक की भूमिका में नजर आए। बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद शुक्ल ने संगोष्ठी में कहा कि पुलिस के भरोसे रहकर सामाजिक व्यवस्था नहीं चलाई जा सकती।
समाज को स्वयं जागरूक और संस्कारी बनना होगा। जिला विकास अधिकारी डीआर विश्वकर्मा ने कहा कि बालिका शिक्षा पूरे परिवार व समाज को सुधारती है। जिला विधिक प्राधिकरण की डॉ. श्रद्धांजलि झा ने कहा कि महिला और पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं। एक दूसरे का सम्मान रखकर ही हम मिशन शक्ति को सफल बना सकते हैं।
जिला प्रोबेशन अधिकारी वीपी वर्मा ने महिला शक्ति से संबंधित विभिन्न जानकारियां दीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ.एमपी सिंह तथा संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर प्रीति प्रकाश ने किया। अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. निशा सिंह ने कार्यक्रम की भूमिका प्रस्तुत की।
इस अवसर पर महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी डॉ. विवेक सिंह, कार्यक्रमाधिकारी डॉ. नीतू सिंह व डॉ . हीरालाल यादव, डॉ. इंद्रमणि कुमार, ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह ‘रवि’, डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, डॉ. भारती सिंह, डॉ. सीमा सिंह, डॉ. कल्पना, डॉ. रंजना पटेल, डॉ. शैलेंद्र प्रताप सिंह, डॉ. अमित तिवारी, डॉ. महमूद आलम, डॉ.अभय सिंह, सत्य प्रकाश श्रीवास्तव, डॉ. धीरेंद्र कुमार समेत महाविद्यालय के शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे।
बेटियों की ढाल बनेगी सेल्फ डिफेंस की ट्रेनिंग: एसपी
आत्मरक्षा के लिए खुद के बचाव और सामने वाले को चित करने के पैतरों की जानकारी जरूरी होती है। यह प्रशिक्षण से ही संभव है। आत्मरक्षा की ट्रेनिंग छात्राओं के लिए ढाल की तरह काम करेगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए आत्मविश्वास बेहद जरूरी है।
-डॉ. विपिन कुमार मिश्र, एसपी, सुल्तानपुर (फोटो संख्या-18)
खेल की तरह सीखें ताइक्वांडो
ताइक्वांडो आज दुनिया के मशहूर खेलों में शामिल है। इसे खेल की तरह सीखें। खेल के साथ आत्मरक्षा के लिए इस विधा का ज्ञान होना जरूरी है। छात्राओं के लिए यह आवश्यक है। मार्शल आर्ट से जुड़े ऐसे खेल छात्राओं को बगैर हथियार के आत्मरक्षा की सीख देते हैं।
-प्रणय चंद्र शुक्ला, ताइक्वांडो कोच (फोटो संख्या-21)
छात्राओं में बढ़ेगा आत्मविश्वास
आज के कार्यक्रम में छात्राओं को हर कठिनाई का डटकर मुकाबला करने की सीख मिली। प्रशिक्षक ने उन्हें आत्मरक्षा के गुर सिखाए। ट्रेनरों ने छात्राओं को खुद पर होने वाले वार को रोकने और हमलावर को मार गिराने की आसान तकनीक बताई। यह बहुत ही अच्छा कदम है। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ेगा।
- डॉ. एमपी सिंह बिसेन, प्राचार्य, राणा प्रताप पीजी कॉलेज (फोटो संख्या-20)
पढ़ाई के साथ सुरक्षा पर भी दें ध्यान
कॉलेजों में पढऩे वाली छात्राओं की सुरक्षा बहुत गंभीर मसला है। देश में छात्राओं के साथ हो रही घटनाओं को देखते हुए यह आवश्यक है कि उन्हें आत्मरक्षा का ज्ञान हो। यह तभी संभव है, जब उन्हें प्रशिक्षण दिया जाय। पढ़ाई के साथ-साथ छात्राओं की सुरक्षा पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
- मीरा कुशवाहा, महिला थानाध्यक्ष
मुश्किल समय में लें धैर्य से काम
अगर कोई बदमाश अचानक पकड़ भी ले तो धैर्य न खोएं बल्कि तेजी से निर्णय लें। फुर्ती दिखाते हुए खुद को अराजक तत्व की पकड़ से छुड़ाएं। सामने और पीछे से वार करने वालों से निपटने के तरीके भी जानना जरूरी है। अगर महिलाएं आत्मरक्षा के प्रति जागरूक हो जाएं तो उनका उत्पीडऩ खत्म हो जाएगा।
- चित्रा सिंह, उपनिरीक्षक
सीखने को मिला
आज की कार्यशाला में बहुत कुछ सीखने को मिला। एसपी ने कई महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। इसे दूसरों से भी साझा करूंगी।
- अंजली
आत्मरक्षा के प्रशिक्षण का बड़ा महत्व
एसपी खुद एक्सपर्ट की भूमिका में नजर आए। उन्होंने छात्राओं को आत्मरक्षा के ढेर सारे टिप्स दिए और प्रयोगात्मक रूप से समझाया।
- शगूफी एरम
कारगर रहे सेल्फ डिफेंस के टिप्स
एक्सपर्ट ने बताया कि छात्राएं अक्सर मन से कमजोर होती हैं। मुश्किल समय में सही तरीके से प्रहार कर खुद को बचा सकती हैं।
- रूपसी सिंह
कार्यक्रम से मिली सीख
आज छात्राओं को हमला करने वाले के शरीर के उन अंगों के बारे में बताया गया, जिस पर प्रहार करके खुद को बचाया जा सकता है।- जैनब बानो।
हमले का देंगे माकूल जवाब
आज मैंने काफी कुछ सीखा। अब अगर रास्ते में किसी ने भी छेड़छाड़ करने की कोशिश की तो उसे उसकी हरकत का माकूल जवाब दिया जाएगा।
- गौसिया महताब
अच्छा रहा कार्यक्रम
एक्सपर्ट ने नेल कटर व कलम से वार करना सिखाया। अगर कोई हाथ पकड़ ले तो कैसे उसकी पकड़ से छूटा जा सकता है। मुझे यह बहुत अच्छा लगा।
- कशिश वर्मा
पकड़ से छूटने का आसान तरीका
पीछे या आगे के हिस्से पर बनाई पकड़ से छात्रा खुद को कैसे छुड़ा सकती है। यह जानकारी काफी महत्वपूर्ण रही। आज की कार्यशाला सराहनीय रही।
- रोशनी बानो
गलत हरकतों का करूंगी विरोध
मनचलों व शोहदों की हरकतों को सहन कर मौन साध लेना भी गलत है। इससे मनचलों का मनोबल बढ़ता है। इसका तुरंत विरोध होना चाहिए।
- आभा
सतर्कता से करें खुद का बचाव
मुसीबत में सबसे पहले खुद को बचाने की तरकीब सोचें। अगर कोई हाथ पकड़े तो दूसरे हाथ और पैर का इस्तेमाल कर उसे जमीन पर पटक दें।
- कीर्ति
बचाव के टिप्स मिले
हमें अपनी ताकत पहचाननी होगी। आज के कार्यक्रम में बचाव के तमाम टिप्स मिले। ये टिप्स हमारी ढाल बनेंगे। ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।
- कुसुम
आत्मरक्षा का प्रशिक्षण जरूरी
खुद की सुरक्षा व आत्मबल को मजबूत करने के लिए कराटे सीखना बहुत जरूरी है। इससे आपका शरीर स्वस्थ भी रहता है।
- रुचि
लड़कियां करें खुद की सुरक्षा
आज के समय में लड़कियों को खुद अपनी सुरक्षा करनी चाहिए। सुरक्षा की दृष्टि से कराटे व जूडो की ट्रेनिंग हर लड़की को लेनी चाहिए।
- मानसी