सुल्तानपुर। शहर के विभिन्न वार्डों में स्थापित 22 में से छह ट्यूबवेल बंद पड़े हैं। इस वजह से शहर के कई क्षेत्रों में निर्बाध जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। इससे करीब 15 हजार की आबादी के समक्ष पेयजल की समस्या खड़ी हो गई है। नगर पालिका की ओर से सबमर्सिबल पंप लगाकर किसी तरह से जलापूर्ति की जा रही है।
शहर में जलापूर्ति के लिए 22 नलकूप स्थापित किए गए हैं। समय के साथ पुराने हो चुके अधिकांश नलकूप आए दिन खराब हो जाते हैं। इनकी मरम्मत में काफी समय लगने के साथ अधिक खर्च आता है। पुराने नलकूपों के संचालन में बिजली की खपत भी अधिक होती है। नलकूपों के आए दिन खराब होने से शहर की जनता को पेयजल की समस्या से जूझना पड़ रहा है। शहर में संचालित 22 नलकूपों में से 14 नलकूप क्रिटिकल श्रेणी के पाए गए हैं। इनमें से छह नलकूपों का संचालन विगत दिनों बंद हो गया है। शहर के दरियापुर स्थित आंख के अस्पताल के पीछे, अन्नू चौराहा, उद्योग विभाग, विवेकनगर, बढ़ैयावीर, केएनआईसीई के बगल ऑफिसर्स कॉलोनी में लगा नलकूप बंद पड़ा है। इससे इन क्षेत्रों में जलापूर्ति में काफी समस्या आती है।
करीब 15 हजार की आबादी को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। नगर पालिका के अधिकारियों के अनुसार इन क्षेत्रों में सबमर्सिबल पंप लगाकर किसी तरह से पानी की व्यवस्था की जा रही है। नगर पालिका अध्यक्ष के पति एवं प्रतिनिधि अजय जायसवाल ने बताया कि जल निगम को कई बार नलकूपों के संचालन की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कई बार पत्र भेजा गया। जल निगम की ओर से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। ऐसे में नगर पालिका की ओर से विभिन्न स्थानों पर करीब 32 सबमर्सिबल पंप संचालित कर किसी तरह सेे जलापूर्ति की जा रही है।