सुल्तानपुर में चुनावी मुद्दों के बारे में बताती छात्रा।
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सुल्तानपुर में महिला सुरक्षा को लेकर शिक्षिकाएं और छात्राएं आमने-सामने दिखीं। जहां, शिक्षिकाओं ने कहा कि पहले के मुकाबले सुरक्षा व्यवस्था काफी बेहतर हो गई है, वहीं छात्राओं ने कहा कि अभी भी उनके साथ छेड़खानी जैसी घटनाएं होती हैं और फोन करने पर पुलिस कोई मदद नहीं करती है।
शिक्षिका मालती सिंह ने कहा सुरक्षा के लिए पुलिस की गाड़ी हमेशा गश्त लगाती है। शिक्षिका श्रद्धा सिंह ने कहा कि शिकायत से ज्यादा खुद को जागरूक होना पड़ेगा। महिलाओं की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर थोड़ा काम होना चाहिए।
वहीं, छात्रा मनीषा यादव ने बताया कि शाम को स्टेडियम से बाहर निकलने पर सड़क किनारे लाइट की व्यवस्था नहीं है। इससे डर लगता है। देर शाम सड़क किनारे लफंगे बैठै रहते हैं। छेड़खानी करते हैं।
एक अन्य छात्रा ने कहा कि मौजूदा सरकार ने लड़कियों के लिए सुविधाएं नहीं दी है। पुलिस की व्यवस्था ज्यादा ठीक नहीं है। एजुकेशन की सुविधा बहुत अच्छी नहीं है। इसी तरह अन्य छात्राओं ने भी छेड़खानी जैसी घटनाओं के बारे में बताया। हालांकि, एक छात्रा को छोड़कर अन्य सभी ने कहा कि पहले के मुकाबले आपराधिक घटनाओं में कमी आई है।
वहीं, छेड़खानी के मामले में शिक्षिकाओं का कहना है कि जिस भी छात्रा के साथ ऐसी घटना होती है, उसे तुरंत इसकी जानकारी पुलिस और अपने स्कूल, कॉलेज में शिक्षकों को दी जानी चाहिए। छात्राओं को इसके प्रति जागरूक होना चाहिए।
सुल्तानपुर में चुनावी मुद्दों के बारे में बतातीं छात्राएं।
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बीए फाइनल ईयर की छात्रा नेहा यादव ने बताया कि कौशल विकास की योजना से वह मुफ्त में ट्रेनिंग ले रहीं हैं। ये बहुत अच्छी योजना है। हालांकि, नेहा ने ये भी बताया कि और जिले में अधिक रोजगारपरक कोर्स यहां शुरू होने चाहिए। गर्ल्स के लिए हॉस्टल बनाना चाहिए।
शिक्षिका मालती सिंह ने सरकार के कामकाज की तारीफ की। कहा कि बालिकाओं के लिए कई तरह की योजनाएं शुरू की गई हैं। इसका फायदा बेटियों को मिल रहा है। बच्चियों को मुफ्त में शिक्षा दी जा रही है।
शिक्षिका बिंदू श्रीवास्तव ने कहा कि देश की सरकार बहुत कुछ कर रही है और आगे भी करेगी। शिक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और मकान हमारी मूलभूत सुविधाएं हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर अभी ज्यादा जागरूकता नहीं है। शिक्षा का स्तर भी ज्यादा ठीक नहीं है।
बीए फाईनल ईयर की छात्रा सुप्रिया उपाध्याय ने कहा कि जो जनता का हित करे वही अच्छा नेता होता है। एक शिक्षिका ने कहा कि जिला अस्पताल में महिलाओं के लिए अलग से वार्ड बना हुआ है। पहले के मुकाबले स्वास्थ्य व्यवस्था अब काफी बेहतर हो गई है।
डॉ. गीता त्रिपाठी ने पहले के मुकाबले काफी विकास कार्य हुए हैं। महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू किए गए हैं। स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी कई अच्छे काम हुए हैं। कई अच्छी योजनाएं हैं। हालांकि, योजनाओं के क्रियान्वयन में अभी भी लापरवाही होती है।
शिक्षिकाओं और छात्राओं ने और क्या कहा?
- शिक्षिका रत्नप्रिया पांडेय ने कहा कि पहले की अपेक्षा अपराधिक घटनाओं में कमी आई है। रत्नाप्रिया ने बच्चों को भी वैक्सीन लगवाने की मांग की।
- शिक्षिका सुधा पांडेय ने कहा कि सरकार की कई अच्छी योजनाएं हैं। उसका क्रियान्वयन सही से नहीं होता है।
- रंजना हिंदुस्तानी ने कहा कि अगर बच्चियां कह रहीं हैं कि छेड़खानी जैसी घटनाएं हो रहीं हैं, तो जरूर होती होगी। उसे रोकने के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए।
- मीना पांडेय ने कहा कि सरकार ने कई योजनाएं शुरू की हैं। बहुत अच्छा काम हो रहा है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की जरूरत है।