सुल्तानपुर। तालाब की जमीन खाली कराने से जुड़े एक मामले में जिला जज सुनील कुमार की अदालत ने आरोपी तहसीलदार और कानूनगो के खिलाफ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। यह आदेश मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर आया है, जिसमें केवल लेखपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।
शिकायतकर्ता नरेंद्र उपाध्याय ने नौ सितंबर 2023 की घटना बताते हुए प्राथमिकी और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। उन्होंने खपड़ाडीह और रामनाथपुर गांव में तालाब व सरकारी जमीन पर अतिक्रमण हटवाने की शिकायत की थी। सुनवाई न होने पर उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया था। आरोप है कि तत्कालीन तहसीलदार हृदयराम तिवारी, राजस्व निरीक्षक उग्रसेन सिंह और लेखपाल शिव बहादुर सिंह ने शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। उच्चाधिकारियों से शिकायत के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय ने चार जुलाई को लेखपाल शिव बहादुर सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया था।
तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक के खिलाफ अर्जी खारिज कर दी गई थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय के आदेश के खिलाफ नरेंद्र उपाध्याय ने जिला जज की अदालत में निगरानी याचिका दायर की थी। उन्होंने तहसीलदार और कानूनगो के खिलाफ भी कार्रवाई के लिए आदेश जारी करने की मांग की थी। जिला जज ने याचिका पंजीकृत करते हुए मामले को एडीजे पंचम राकेश यादव की अदालत में स्थानांतरित कर दिया है। अदालत ने आरोपी तहसीलदार और कानूनगो के खिलाफ नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 18 अगस्त को तय की गई है।