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गन्ने के अभाव में बंद हुई सहकारी चीनी मिल

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गन्ने के अभाव में बंद किसान सहकारी चीनी मिल। - फोटो : SULTANPUR
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सुल्तानपुर। किसान सहकारी चीनी मिल सोमवार की भोर में गन्ने के अभाव में बंद हो गई। इसके पहले अभी तक 15 दिन में चीनी मिल 12 बार बंद हो चुकी है। पेराई सत्र के उद्घाटन के बाद विभिन्न वजहों से बार-बार मिल बंद होने से गन्ना किसान परेशान हैं। उन्हें अपने गन्ने की पेराई को लेकर चिंता सताने लगी है। किसानों ने गन्ना पर्ची वितरण में सुस्ती का आरोप लगाया है।
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जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल के पेराई सत्र का शुभारंभ पिछले माह 29 नवंबर को किया गया था। शुभारंभ के बाद मिल को तुरंत बंद कर दिया गया था। इसके बाद जब संचालन शुरू किया गया तो 13 दिसंबर तक मिल 12 बार विभिन्न वजहों से बंद हो चुकी है। कभी डाइनो ड्राइव तो कभी टरबाइन व अन्य खराबी को लेकर मिल का पहिया थम चुका है। सोमवार की भोर में मिल पहली बार गन्ने के अभाव में बंद हो गई थी। मिल प्रबंधन ने परिसर में गन्ना नहीं होने से सोमवार की सुबह गन्ने की पेराई बंद करवा दी। दो दिन पहले इंजीनियरों ने खराबी दूर करके मिल का संचालन शुरू कराया था। तब पूरी क्षमता के साथ मिल चली और परिसर में मौजूद गन्ना समाप्त हो गया।
सूत्रों के मुताबिक मिल के संचालन की धीमी स्थिति को देखते हुए प्रबंधन पर्याप्त मात्रा में पर्ची का वितरण करने से हिचक रहा था। इसकी वजह से पर्याप्त गन्ना नहीं पहुंच सका। गन्ने के अभाव में मिल बंद होने पर किसानों ने गन्ना वितरण पर्ची में सुस्ती का आरोप लगाया है। किसानों के मुताबिक प्रबंधन की ओर से समय रहते पर्याप्त संख्या में पर्ची का वितरण नहीं कराया गया। इसकी वजह से गन्ना नहीं आ सका। किसानों का कहना है कि अब मिल पर पर्याप्त गन्ना पहुंचने में करीब दो दिन का समय लग जाएगा। मिल बंद रहने से किसानों के गन्ने की पेराई प्रभावित हो रही है।
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