सुल्तानपुर। इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू व उनके भाई जिला पंचायत सदस्य यशभद्र सिंह मोनू को रविवार को बसपा ने पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। सोनू सपा व बसपा से तीन बार विधायक रहे। वह पिछला लोकसभा चुुनाव भी बसपा से लड़े थे।
अपने पिता व पूर्व विधायक इंद्रभद्र सिंह की हत्या के बाद वे पहला चुनाव अपने पिता की सीट इसौली से लड़कर सदन में पहुंचे थे। उसके बाद वर्ष 2002 व वर्ष 2007 में इसौली से सपा व 2009 बसपा से फिर विधायक चुने गए।
वर्ष 2014 में चंद्रभद्र सिंह सोनू भाजपा में शामिल हो गए थे। वर्ष 2017 में भाजपा से दावेदारी के बाद भी टिकट नहीं मिलने पर वे वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के ठीक पहले बसपा में फिर शामिल हो गए थे। बसपा से लोकसभा चुनाव लड़ते हुए भाजपा सांसद मेनका गांधी को कड़ी टक्कर दी थी।
वे दूसरे स्थान पर रहे। उनके छोटे भाई यशभद्र सिंह मोनू धनपतगंज ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख रहे। मौजूदा समय में मोनू जिला पंचायत सदस्य हैं। मोनू जिला पंचायत अध्यक्ष का भी चुनाव लड़ चुके हैं। रविवार को बसपा ने दोनों भाइयों को पार्टी से बाहर कर दिया। बसपा जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार गौतम ने इसकी पुष्टि की है।