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बारिश में भीग गया क्रय केंद्रों पर खरीद कर रखा गया सैकड़ों क्विंटल धान

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सुल्तानपुर। जिले में मंगलवार की रातभर हुई बूंदाबांदी से धान क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदकर रखा सैकड़ों क्विंटल धान भीग गया। मौसम बिगड़ने के बाद कुछ क्रय केंद्रों पर खुले में रखे धान पर पन्नी डाली गई है। वहीं, रात व दिन में हुई बूंदाबांदी से जिले में सर्दी बढ़ गई है। शहर में कुछ स्थानों पर अलाव जल रहे हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों के दावे सिर्फ हवाई हैं।
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जिले में मंगलवार से शुरू बूंदाबांदी बुधवार को रुक-रुककर जारी रही। मंगलवार को रात भर हुई बूंदाबांदी में जिले के कुड़वार क्रय केंद्र पर किसानों से खरीदकर बाहर रखा सैकड़ों क्विंटल धान भीगता रहा। डिप्टी आरएमओ के निर्देश पर केंद्र प्रभारी की ओर से धान को बचाने के लिए पन्नी डाली गई लेकिन इसके बाद भी काफी धान बूंदाबांदी में भीग गया। साथ ही अखंडनगर, पीपीकमैचा, कूरेभार के डीहढग्गूपुर समेत कई क्रय केंद्रों पर किसानों से खरीदकर रखा गया। सैकड़ों क्विंटल धान बूंदाबांदी में भीगता रहा। इसके पीछे क्रय केंद्रों पर खरीद कर रखे धान की उठान नहीं हो पाना बताया जा रहा है।
एआर कोऑपरेटिव ने आठ क्रय केंद्रों पर बाहर खरीदकर रखे गए धान की उठान के संबंध में पीसीएफ प्रबंधक को पत्र लिखा है। एआर कोऑपरेटिव एपी सिंह ने उठान के लिए ट्रकों को उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है। क्रय केंद्रों पर धान भीगने से सरकार को आर्थिक नुकसान की आशंका बनी है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में कागजों पर दहक रहे अलाव
जिले में सोमवार से बदला मौसम का मिजाज तीसरे दिन बुधवार तक जारी रहा। मंगलवार के बाद बुधवार को भी आसमान में दिन भर बादल छाए रहे। रुक-रुक कर सुबह से बूंदाबांदी होती रही। बूंदाबांदी से दिन की ठंड बढ़ गई। इस बीच ठंड से राहगीरों का आम लोगों के बचाव के इंतजाम नाकाफी साबित हुए हैं। प्रशासन की ओर से गरीबों को ठंड से बचाने के लिए अभी तक 4400 कंबल वितरित किए जाने का दावा किया जा रहा है। साथ ही करीब 1200 कंबल स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से वितरित कराया जाना बताया जा रहा है। ठंड से बचाव के लिए प्रशासन की ओर से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 168 स्थानों अलाव जलवाने का दावा किया गया है। शहरी क्षेत्र में 28 व ग्रामीण क्षेत्रों में 140 स्थानों की संख्या बताई जा रही है। आसमान में दिन भर बादल छाए रहने व बीच-बीच में बूंदाबांदी में प्रशासनिक दावे के विपरीत शहर में दिन में अलाव बुझे रहे। बूंदाबांदी के बीच कुछ अलावों में धुआं उठता रहा। पालिका की ओर से अलावों को शाम से जलवाने का दावा किया जा रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश अलाव कागजों में दहक रहे हैं। बुधवार को सार्वजनिक स्थानों पर ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं अलाव जलते नजर नहीं आए। प्रशासन व नगर पालिका की ओर से यात्रियों को ठंड से बचाने के लिए पांच रैन बसेरा बनाया गया है।
16.0 डिग्री पहुंचा अधिकतम तापमान
मौसम के बिगड़े मिजाज से बुधवार को दिन में रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। बूंदाबांदी से दिन में ठंड बढ़ गई है। इससे किसानों के गन्ने की कटाई व पेराई का कार्य प्रभावित हुआ है। अधिकांश फसलों के लिए बूंदाबांदी फायदेमंद बताई जा रही है। नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम पर्यवेक्षक अमरनाथ मिश्र ने बताया कि मौसम खराब होने से दिन के तापमान में गिरावट आई है। अधिकतम तापमान सामान्य से करीब सात डिग्री नीचे 16.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जबकि न्यूनतम तापमान 14.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। उत्तरी पछुआ हवा की गति करीब तीन किमी प्रति घंटा रही। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार को आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान लगाया है।
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