सुल्तानपुर। कोरोना संक्रमण की वजह से स्कूल बंदी और विधानसभा चुनाव की वजह से पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न हुआ है। आधे-अधूरे कोर्स ने बोर्ड परीक्षा की तैयारी में जुटे छात्र-छात्राओं की चिंता बढ़ा दी है। हेल्प डेस्क के माध्यम से छात्र-छात्राओं को भले ही सहूलियत दी जा रही है लेकिन 15 से 20 दिन में शत-प्रतिशत कोर्स पूरा करना मुश्किल है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को अतिरिक्त कोचिंग का सहारा लेना पड़ रहा है।
कोविड-19 के कारण वर्ष 2021 की बोर्ड परीक्षा नहीं हो सकी थी। इस बार होने वाली बोर्ड परीक्षा विधानसभा चुनाव के कारण 15 मार्च के बाद ही संभावित है। फिलहाल अभी तिथि की घोषणा नहीं हुई है। कोरोना की दूसरी और तीसरी लहर के कारण माध्यमिक शिक्षण संस्थानों का संचालन पूर्व के वर्षों की तरह नहीं हो सका है। इसके चलते विज्ञान, अंग्रेजी व गणित जैसे महत्वपूर्ण विषयों के कोर्स कई विद्यालयों में पूरे नहीं हो सके हैं। अब परीक्षा नजदीक आने पर छात्र-छात्राओं की चिंता बढ़ गई है।
बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कोचिंग कर परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्र-छात्राएं परेशान हैं। प्री-बोर्ड और अन्य कक्षाओं के वार्षिक परीक्षा के अंक परिषद की वेबसाइट पर अपलोड होने हैं। विधानसभा चुनाव के चलते ज्यादातर विद्यालयों के शिक्षक चुनाव ड्यूटी में लगे थे। इससे भी पठन-पाठन सुचारु ढंग से नहीं हो पाया था। हालांकि विद्यालयों का संचालन शुरू होने के बाद से कोर्स पूरा करने में लोग तेजी से जुटे हैं।
समय कम होने के कारण सही ढंग से पढ़ने और समझने का मौका नहीं मिल पा रहा है। छुट्टियों के दौरान ऑनलाइन पढ़ाई कराई जा रही थी लेकिन गांव में ऑनलाइन पढ़ाई करने में असुविधा के चलते परीक्षा की तैयारी सही तरीके से नहीं हो पाई है।
एडीआईओएसा आरजे मौर्य ने बताया कि परीक्षार्थियों की सहूलियत के लिए हेल्प डेस्क की सुविधा दी गई है। इसके लिए तहसील स्तर पर हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के कुल 32 शिक्षक लगाए गए हैं जो विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को शांत करेंगे।