भदैंया (सुल्तानपुर)। मिश्रौली गांव में शुक्रवार की देर शाम मकान की नींव खोदाई के दौरान मिली भारी-भरकम तिजोरी को पुलिस ने अपनी मौजूदगी में शनिवार की रात को खोलवाया। तिजोरी खुलने पर उसके अंदर तांबे के दो सिक्के मिले। तिजोरी में जेवरात और आभूषण नहीं पाए जाने पर पुलिस ने खाली तिजोरी को उसके स्वामी को सौंप दिया।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव में स्व. रामतीरथ और संतराम बरनवाल का पैतृक कच्चा मकान है। संतराम ने अपने हिस्से की जमीन चचेरे भतीजे विनोद बरनवाल को दे दी है। विनोद पुराने कच्चे मकान के गिरे मलबे पर ही नींव खोदवाकर मकान बनवा रहे हैं।
रामतीरथ के हिस्से की जमीन पर पिछले शुक्रवार की शाम नींव खोदाई के दौरान एक भारी-भरकम लोहे की तिजोरी मिली थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तिजोरी को सुरक्षित विनोद बरनवाल के घर के सामने रखवा दिया था तथा उसके स्वामी के आने पर ही खोलने की बात कही थी।
शनिवार की देर शाम करीब आठ बजे तिजोरी मिले स्थान के स्वामी, संतराम बरनवाल और स्व. रामतीरथ के बेटे प्रेमचंद बरनवाल और सुभाष चंद्र की मौजूदगी में कोतवाली देहात पुलिस के सामने उसे खोला गया। तिजोरी में मात्र तांबे के दो सिक्के मिले। इसी के साथ उन संभावनाओं व अटकलों पर भी विराम लग गया कि तिजोरी में सोने-चांदी के सिक्के हो सकते हैं। पुलिस ने तिजोरी खाली मिलने के बाद उसको संबंधित को सौंप दिया।