सुलतानपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सांसद मेनका गांधी ने बीएसए कार्यालय के नवीन भवन के लोकार्पण मौके पर शनिवार को शिक्षा विभाग को नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि मां हूं मुझे तिनका-तिनका मालूम है। मुझे बेईमानी व भ्रष्टाचार कदापि बर्दाश्त नहीं है। अधिकारी-कर्मचारी कार्यालय में अपनी शुचिता बनाए रखें।
उन्होंने शिक्षकों को भी ईमानदारी से काम करने की नसीहत दी। अपने संक्षिप्त संबोधन में कहा कि मैं मां हूं, मां को तिनका-तिनका पता होता है कि कहां-क्या हो रहा है। मां कभी बोलती है तो कभी नहीं बोलती है। मुझे पता है कि कुछ टीचर काम नहीं करते, वे उसके बदले कर्मचारियों को पैसा देते हैं। पैसा देकर काम करवाना व ट्रांसफर-पोस्टिंग करवाना मुुझे बर्दाश्त नहीं है।
उन्होंने स्वीकार किया कि कोविड कॉल में शिक्षकों का नुकसान हुआ। खास कर प्राइवेट और कोचिंग करने वाले शिक्षक काफी परेशान हुए। लोगों को घर बैठना पड़ा। अब स्कूल खुल गए हैं। मौसम बदल रहा है। शिक्षकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे अब बच्चों को पढ़ा-लिखाकर बड़ा बनाएं।
कहा कि जिले में एक-एक चीज बढ़िया बनाने का काम कर रही हूं। उन्होंने नगर क्षेत्र के बेसिक विद्यालयों के भवनों की दयनीय स्थिति पर उच्चाधिकारियों से बात करने की बात कही। नए भवन में बीएसए कार्यालय की स्थापना को सरकार की उपलब्धि बताया।
इसके पहले फीता काटकर बीएसए कार्यालय का उद्घाटन किया। कुछ अस्वस्थ होने की वजह से वे उद्घाटन के बाद ही दिल्ली रवाना हो गईं। जाते-जाते सांसद ने बीएसए को जर्जर व चहारदीवारी विहीन विद्यालयों को चिह्नित करने व शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार का निर्देश दिया।
इसके पहले कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भाजपा विधायक सूर्यभान सिंह और जिलाध्यक्ष डॉ. आरए वर्मा ने सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। बीएसए दीवान सिंह यादव, शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष दिलीप पांडेय, मंत्री डॉ. एचबी सिंह आदि ने सांसद का स्वागत किया। इस मौके पर क्षेत्रीय महामंत्री सुशील त्रिपाठी, बबिता तिवारी, विजय त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि रणजीत कुमार, ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार सिंह, मीडिया प्रभारी विजय सिंह रघुवंशी समेत अनय मौजूद रहे।
अभिलेख शिफ्ट कराना चुनौती
नवीन बीएसए कार्यालय के लोकार्पण के बाद अब लालडिग्गी स्थित पुराने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से अभिलेख पहुंचाना अधिकारियों के सामने चुनौती बन गया है। इसमें सप्ताह भर से अधिक समय लगने की संभावना जताई जा रही है।
अभिलेखों के बिना कार्यालय पूर्ण रूप से संचालित नहीं हो सकेगा। हालांकि बीएसए दीवान सिंह यादव ने कहा कि पहले जरूरी कागजात ले जाकर व्यवस्थित कराया जाएगा। इसके बाद धीरे-धीरे पूरा ऑफिस शिफ्ट होगा।