ईस्टर पर्व पर चर्च में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। देर रात श्रद्घालुओं ने ईस्टर कैंडल जलाकर प्रभु यीशु की आराधना की। पूजा के बाद एक दूसरे को पवित्र दिवस की शुभकामना दी गई। रविवार की सुबह भी चर्च में भी विशेष पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
शनिवार सुबह से ही ईसाई धर्म के लोगों ने ईस्टर पर्व की तैयारियां शुरू कर दी थीं। देर रात 11 बजे के करीब शहर के सेंट पॉल व क्राइस्ट चर्च पर श्रद्घालुओं का जमावड़ा लगा। अंधेरे में आग जलाकर तकरीबन ढाई फुट की एक बड़ी मोमबत्ती जलाई गई। इसे ईस्टर कैंडल कहा जाता है।
फादर इसे लेकर गिरजाघर पहुंचे और मोमबत्ती को अंदर रखा। इस दौरान मौजूद श्रद्घालुओं ने छोटी मोमबत्तियां जलाईं। इसके साथ विशेष पूजा की शुरुआत हुई। मध्य रात्रि श्रद्घालु पूजा के बाद एक-दूसरे को हैप्पी ईस्टर कहने के साथ अपने घरों को रवाना हुए। रविवार की सुबह सात बजे भी गिरजाघरों पर विशेष आराधना का आयोजन किया गया। लोगों ने रविवार को भी पूजन करने के बाद ईस्टर पर्व की शुभकामनाएं एक दूसरों को दीं।
ईंस्टर को लेकर गिरजाघरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। ईसाई धर्म के अनुसार क्रॉस पर चढ़ाने के बाद तीसरे दिन प्रभु यीशु प्रकट हो गए थे। यह पर्व इसाई समाज के लोग आत्मिक शुद्धता के रूप में मनाते हैं। मान्यता है कि प्रार्थना उपवास के बाद यह पर्व लोगों को सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देता है। इस अवसर पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।