सांचे दरबार की जय के उद्घोष के साथ पंडालों के कपाट मां के भक्तों के दर्शन के लिए खुल गए। आकर्षक पंडालों के बीच सजी देवी प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला शुरू हो गया है।
दुर्गा पूजा महोत्सव की शोभा निखरने लगी है। तकरीबन सभी पंडालों में देवी प्रतिमाओं की स्थापना हो चुकी है। जिले में 700 से अधिक समितियों पर 3000 से अधिक प्रतिमाएं स्थापित की जा चुकी हैं। मौजूदा समय में पंडालों की साज-सज्जा का काम भी आंशिक ही शेष रह गया है।
सप्तमी को मूर्ति पंडालों को भक्तों के दर्शन के लिए खोल दिया गया है। बोल सांचे दरबार की जय, जय माता दी के जयकारे के साथ पंडालों के कपाट खुले। मां भगवती का विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। अब निरंतर पंडालों की दिव्यता देखने लायक रहेगी। दशहरे के दिन से रावण वध के बाद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। शहर में मूर्तियों के ऊंचे पंडाल और लुभावने प्रकाश दृश्यों के बीच महोत्सव की छटा देखते ही बनती है।