गैंगरेप व यौन शोषण के आरोप में लखनऊ में पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के साथ जेल में निरुद्ध अमरेंद्र सिंह पिंटू पर जिले में भी अदालत ने शिकंजा कस दिया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट सर्वोत्तमा नागेश शर्मा ने पांच वर्ष पूर्व धोखाधड़ी कर मकान हथियाने के लिए फर्जी बैनामा लिखाने के मामले में पूर्व मंत्री के पीआरओ समेत छह अभियुक्तों को क्लीनचिट देने वाली पुलिस की फाइनल रिपोर्ट रद्द कर दी है।
कोर्ट ने मामले को स्टेट केस के रूप में दर्ज कर सभी छह अभियुक्तों के खिलाफ समन जारी करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 15 मई को होगी। मामला अमेठी कोतवाली क्षेत्र के ककवा रोड स्थित रायपुर फुलवारी से जुड़ा है।
गांव निवासी संजीव कुमार शुक्ल ने संग्रामपुर थाने के रामगढ़ निवासी व पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के पीआरओ अमरेंद्र सिंह पिंटू, अमेठी कोतवाली के बनियानी रायपुर फुलवारी निवासी कौशलेंद्र मिश्र उर्फ लालजी, पूरे नत्थन शुक्लो गांव के नरेंद्र पाठक, जगजीतपुर गांव निवासी रोहित सिंह, सरवनपुर गांव के रियाज अहमद व चचकापुर गांव निवासी अनवर खां के खिलाफ वर्ष 2012 में अदालत में अर्जी देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी।
संजीव का कहना था कि उसके दादा बैजनाथ निसंतान है। उनका 20 अक्तूबर 2012 को आरोपी कौशलेंद्र मिश्र उर्फ लालजी व नरेंद्र पाठक ने अमेठी से अपहरण कर लिया था। 26 अक्तूबर 2012 को बैजनाथ के मकान की फर्जी चौहद्दी दिखाते हुए सपा नेेता व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के पीआरओ अमरेंद्र सिंह पिंटू, रोहित सिंह, रियाज अहमद व अनवर खां ने अमेठी तहसील में ले जाकर बैनामा लिखा लिया था।
बैनामा लिखाने के बाद मकान पर कब्जा करने का प्रयास शुरू करने पर इसकी जानकारी हुई थी। सत्ता के असर में पुलिस के केस नहीं दर्ज करने पर संजीव ने कोर्ट की शरण ली थी। संजीव की अर्जी मंजूर कर कोर्ट ने तीन दिसंबर 2012 को सभी छह आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्जकर विवेचना करने का आदेश दिया था।
कोर्ट के आदेश पर अमेठी कोतवाली में 16 दिसंबर 2012 को सपा नेता अमरेंद्र सिंह पिंटू समेत सभी छह अभियुक्तों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना समेत कई गंभीर धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। मामले की विवेचना करते हुए पुलिस ने पूर्व मंत्री के पीआरओ समेत सभी छह अभियुक्तों को क्लीनचिट दे दी थी और फाइनल रिपोर्ट कोर्ट भेज दिया था। पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को वादी मुकदमा संजीव ने चुनौती दी थी।