सुल्तानपुर। पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करने के मामले में अदालत में पेश की गई कहानी साक्ष्यों से मेल नहीं खाई। मुठभेड़ में सिपाही को गोली लगने की बात मेडिकल में साबित नहीं हो पाई। प्रभारी जिला जज नवनीत कुमार गिरि ने आरोपी को सर्शत जमानत दे दी है। मामला
कोतवाली नगर पुलिस ने 23 अप्रैल को शहर के सौरमऊ में मुठभेड़ में तीन बदमाशों रंजीत मिश्र उर्फ राहुल, सचिन जायसवाल व शुभम जायसवाल को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तमंचा, छूरा, मोबाइल व नकदी बरामद करने का दावा किया था। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसमें सिपाही रोहित यादव घायल हो गया था। जेल में निरुद्ध आरोपी रंजीत मिश्र उर्फ राहुल की जमानत अर्जी पर बचाव पक्ष के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि आरोपी को फर्जी केस में फंसाया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी शहर के बाधमंडी चौराहे के पास से हुई है, जो वहां पर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद है। मुठभेड़ में घायल हुए सिपाही रोहित यादव को साधारण प्रकृति की चोट आई है। यह चोट गोली की (फायर आर्म) होना साबित नहीं है। प्रभारी जिला जज नवनीत कुमार गिरि ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी को सशर्त जमानत दे दी है।