सुल्तानपुर। पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में मंगलवार को एडीजे नवम पीके जयंत ने आरोपी पति को पांच वर्ष की कैद व सात हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
दोस्तपुर थाने के बेथरा गांव निवासी मुनव्वर की शादी घटना से करीब सात साल पहले गांव की ही नुसरत जहां के साथ हुई थी। आरोप है कि नुसरत जहां को उसका पति मुनव्वर और सास किताबुल निशां प्रताड़ित करते थे। प्रताड़ना से परेशान होकर 19 जनवरी 2008 को नुसरत जहां ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। पुलिस ने मृतका की मां अजीजा खातून की तहरीर पर पति मुनव्वर व सास किताबुल निशां के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज उत्पीड़न के अभियोग में केस दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे एडीजीसी क्रिमिनल अतुल शुक्ल ने छह गवाहों को कोर्ट में पेश किया। सुनवाई के बाद मंगलवार को अदालत ने आरोपी पति मुनव्वर को सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया। आरोपी सास किताबुल निशां की मुकदमे के दौरान मौत हो गई थी।