सुल्तानपुर। गनपत सहाय पीजी कॉलेज के प्राचार्य व उनके गनर की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में मंगलवार को दीवानी न्यायालय की अदालत ने पांचों आरोपियों को दोषी करार दे दिया। न्यायालय ने पांचों अभियुक्तों को अभिरक्षा में लेते हुए जेल भेज दिया। सजा का निर्धारण बुधवार को होगा।
शहर के सीताकुंड स्थित गनपत सहाय पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीबी सिंह व उनके प्राइवेट गनर सुरेश सिंह की 23 दिसंबर 2011 की सुबह कॉलेज के सामने ही बाइक सवार बदमाशों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। दिनदहाड़े हुए दोहरे हत्याकांड से जिले में सनसनी फैल गई थी। घटना में कॉलेज के प्राचार्य की पत्नी कोकिला सिंह निवासी नौहर हुसैनपुर जनपद प्रतापगढ़ ने कोतवाली नगर में प्राथमिकी दर्ज करवाई थी। पुलिस पर घटना की जांच में लीपापोती का आरोप लगने पर विवेचना सीबीआईडी को सौंपी गई थी। सीबीआईडी ने विवेचना में जितेंद्र शुक्ल, अनिल मिश्र, सौरभ शुक्ल, दीपक तिवारी व जितेंद्र प्रकाश मिश्र के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। प्रकरण में तब से सुनवाई चल रही थी।
केस में मंगलवार को सुनवाई करते हुए दीवानी न्यायालय के अपर जिला जज पंचम अभय श्रीवास्तव ने बचाव पक्ष व अभियोजन पक्ष की दलील सुनने के बाद पांचों आरोपियों को दोषी करार दे दिया। अभियोजन पक्ष से अरविंद सिंह राजा व एडीजीसी संदीप सिंह ने पैरवी की। मामले में अभियोजन पक्ष से 11 व बचाव पक्ष की ओर से तीन गवाह पेश हुए। साक्ष्यों व गवाहों पर विचार करते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अभय श्रीवास्तव ने पांचों आरोपियों जितेंद्र शुक्ल, अनिल मिश्र, सौरभ शुक्ल, दीपक तिवारी व जितेंद्र प्रकाश मिश्र को दोषी करार दिया। पांचों आरोपियों को दोषी करार देते हुए अपर जिला एवं सत्र न्यायधीश ने उन्हें जेल भेज दिया। पांचों अभियुक्तों की सजा का निर्धारण बुधवार को अदालत करेगी। फैसले को लेकर अदालत में मजमा लगा रहा।