सुल्तानपुर। दहेज हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए मृतका के पति को एडीजे राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने सोमवार को सात वर्ष की कैद व 70 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। आरोपी सास व ससुर साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिए गए हैं।
कूरेभार क्षेत्र के ग्राम उपाध्याय का पुरवा मौजा खारा निवासी फागूलाल के पुत्र सुरेंद्र कुमार उर्फ त्रिभुवन की शादी कोतवाली देेहात के ओदरा गांव निवासी राजेंद्र कुमार की पुत्री रीता के साथ 21 अप्रैल 2015 को हुई थी। दहेज में बाइक व एक लाख रुपये की मांग को लेकर ससुरालीजन रीता को प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुरालीजनों ने 11 अक्तूबर 2015 को रीता की जलाकर मार डाला। मृतका के पिता राजेंद्र कुमार ने बेटी के पति सुरेंद्र कुमार उर्फ त्रिभुवन, सास शांती व ससुर फागूलाल के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज कराया। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए थे।
एडीजे राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने गत शुक्रवार को पति सुरेंद्र कुमार उर्फ त्रिभुवन को दोषी करार देते हुए जेल भेजने का आदेश दिया था और सजा सुनाने के लिए 27 जून की तिथि नियत की थी। कोर्ट ने आरोपी सास शांती व ससुर फागूलाल को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। सजा के बिंदु पर बचाव पक्ष और अभियोजन पक्ष से एडीजीसी क्रिमिनल विजय शंकर शुक्ल ने दलीलें पेश की। एडीजे राजेश नारायण मणि त्रिपाठी ने सोमवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी पतिसुरेंद्र कुमार उर्फ त्रिभुवन को सात वर्ष की कैद व 70 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।