सुल्तानपुर। अमृत सरोवर योजना के तहत 75 ग्राम पंचायतों में बड़े तालाब बनाए जाएंगे। तालाब का दायरा कम से कम एक एकड़ होगा। इसके लिए भूमि का सर्वे शुरू हो गया है। भूमि चिह्नित होने के बाद कार्ययोजना तैयार होगी।
शासन ने भू-जलस्तर को गिरने से रोकने के लिए मनरेगा से ग्राम पंचायतों में बड़े तालाब के निर्माण की योजना बनाई है। इसके लिए शासन ने अमृत सरोवर योजना के तहत जलस्तर सामान्य रखने के लिए पहले चरण में जिले में 75 ग्राम पंचायतों का लक्ष्य निर्धारित करते हुए भूमि चिह्नित करने का निर्देश दिया है। आदेश के तहत जिन ग्राम पंचायतों में तालाब की पर्याप्त भूमि उपलब्ध होगी, उसी ग्राम पंचायत में सरोवर का निर्माण कराया जाएगा। तालाब का दायरा कम से कम एक एकड़ होगा।
शासन की गाइडलाइन को देखते हुए विकास विभाग की ओर से ग्राम पंचायतों में एक एकड़ या फिर इससे ऊपर के तालाब की खोज शुरू हो गई है। राजस्व विभाग के जरिए ग्राम पंचायतों में स्थित तालाबों व उनकी मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। विकास विभाग की डिमांड को देखते हुए सभी ग्राम पंचायतों में तालाब के लिए आरक्षित भूमि की पैमाइश शुरू हो गई है।
पैमाइश के दौरान तालाब की भूमि का रकबा व मौजूदा स्थिति की रिपोर्ट लेखपालों की ओर से तैयार की जा रही है। इसमें एक एकड़ या इससे अधिक दायरे में फैले तालाब की अलग सूची बनाई जा रही है। रिपोर्ट विकास विभाग को सौंपी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक पैमाइश के दौरान बड़ी संख्या में तालाबों पर कब्जे भी पाए जा रहे हैं। मनरेगा सेल के अनुसार तहसील की सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद सरोवर निर्माण के लिए ग्राम पंचायतों का चयन किया जाएगा।
बड़े सरोवर निर्माण के लिए एक एकड़ या फिर इससे ऊपर की भूमि वाली ग्राम पंचायतों को चिह्नित किया जाएगा। भूमि मिलने के बाद सरोवर निर्माण की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। उपायुक्त मनरेगा अनवर शेख ने बताया कि कार्ययोजना की स्वीकृति के बाद पहले चरण में सिर्फ 75 ग्राम पंचायतों में अमृत सरोवर योजना के तहत चिह्नित भूमि पर कम से कम एक एकड़ में मनरेगा से बड़े सरोवर बनाए जाएंगे।
तालाब के निर्माण से भू-जलस्रोत का स्तर गिरने से रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही पशु-पक्षियों को पेयजल भी उपलब्ध हो सकेगा। तालाब के पानी का इस्तेमाल ग्रामीण अन्य कार्यों में भी कर सकेंगे। तालाब के निर्माण से ग्राम पंचायतों की खूबसूरती भी बढ़ेगी।
अमृत सरोवर योजना के तहत भूमि चिह्नित करने के लिए सर्वे चल रहा है। भूमि मिलने के बाद तालाब की कार्ययोजना तैयार करवाकर निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। संबंधित को इस संबंध में दिशा-निर्देश दे दिए गये हैं।
-अतुल वत्स, मुुख्य विकास अधिकारी