सुल्तानपुर। परिषदीय विद्यालयों, राजकीय विद्यालयों व सहायता प्राप्त विद्यालयों के कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को स्वेटर, यूनिफॉर्म, स्कूल बैग और जूता-मोजा के लिए डीबीटी के जरिए दी जाने वाली धनराशि जिले के 57,986 बच्चों को नहीं मिल पाई है। इनमें 3,868 बच्चे ऐसे हैं जिनका डाटा ही डीबीटी पोर्टल पर फीड नहीं हो पाया है।
जिले में दो लाख 79 हजार 783 बच्चे पंजीकृत हैं। इनमें से दो लाख 21 हजार 797 को डीबीटी की धनराशि मिल चुकी है। शेष 57,986 विद्यार्थी अभी भी यूनिफॉर्म की धनराशि नहीं पा सके हैं। डीबीटी के काम में इंटर कॉलेजों ने काफी लापरवाही बरती है। 3,868 बच्चे ऐसे हैं जिनका नामांकन तो विद्यालय में है लेकिन धनराशि पाने के लिए डीबीटी पोर्टल पर विवरण फीड नहीं कराया गया है। इसमें ज्यादातर संख्या इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों की है।
बरियार शाह इंटर कॉलेज भरखरे में 23, इंटर कॉलेज गरएं में 37, इंटर कॉलेज देवलपुर में 57, इंटर कॉलेज चौकिया में 41, इंटर कॉलेज लंभुआ में 56, इंटर कॉलेज पलिया में 72, इंटर कॉलेज नटौली में 96, इंटर कॉलेज गौरा में 16, रामरती इंटर कॉलेज द्वारिकागंज में 126, जनता इंटर कॉलेज कूरेभार में 55, जीआईसी में 29, जीजीआईसी में 50, महात्मा गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में 23, नेशनल गर्ल्स जूनियर हाईस्कूल में 126 छात्र-छात्राओं का डाटा डीबीटी पोर्टल पर फीड ही नहीं है।
वहीं रामकली बालिका इंटर कॉलेज में 34, सलीम हायर सेकेंडरी स्कूल में 43, गायत्री विद्यालय बैंतीकलां में 69, इंटर कॉलेज प्रतापपुर कमैचा में 28, जय भारत इंटर कॉलेज मथुरा नगर रामगढ़ में 17, उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कंधईपुर में 226, ज्ञानोदय इंटर कॉलेज संसारीपुर में 68, हनुमत इंटर कॉलेज धम्मौर में 140, रामप्रताप इंटर कॉलेज प्रतापगंज में 124 विद्यार्थियों का डाटा भी डीबीटी पोर्टल पर फीड नहीं है। इसकी वजह से विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी की प्रक्रिया नहीं हो पाई है।
जिले के दो इंटर कॉलेज ऐसे हैं जहां अध्ययनरत एक भी बच्चे का डीबीटी पोर्टल पर डाटा फीड नहीं हुआ है। इंटर कॉलेज शिवगढ़ ने 100 नामांकित बच्चों में से एक का भी डाटा फीड नहीं किया है। वहीं, प्रतापपुर कमैचा विकास क्षेत्र के आरती सिंह जनता इंटर कॉलेज रामपुर में नामांकित 122 में से किसी भी बच्चे का डाटा फीड नहीं हुआ है। इंटर कॉलेजों की लापरवाही पर बीएसए दीवान सिंह यादव ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र लिखा है।
पत्र के जरिए डीबीटी का काम न शुरू करने वाले दो इंटर कॉलेजों के प्रति शिक्षा निदेशक की नाराजगी का हवाला देते हुए तत्काल काम पूर्ण कराए जाने का निर्देश देने को कहा है। बीएसए ने कहा है कि कुछ इंटर कॉलेजों की लापरवाही से डीबीटी जैसे महत्वपूर्ण काम में शिथिलता बरती जा रही है, इससे जिले की प्रगति का स्तर खराब दिख रहा है।
जिले के 12,076 विद्यार्थियों का डीबीटी का पैसा फंस गया है। जिला समन्वयक एमआईएस धर्मेश गुप्ता के मुताबिक 1277 विद्यार्थी ऐसे हैं जिनका डाटा संदिग्ध है। इनकी जन्मतिथि और पिता के नाम में समानता है। एक से अधिक स्कूलों में डाटा फीड कराए गए हैं। वहीं, 6931 विद्यार्थियों के अभिभावकों का खाता नॉन सीडेड श्रेणी में है। 3,868 विद्यार्थियों का डाटा शिक्षक स्तर पर ही फीड नहीं हो पाया है।