सुल्तानपुर। विधानसभा चुनाव में बुधवार को नाम निर्देशन पत्रों की जांच के दौरान विभिन्न खामियों के चलते 32 नाम निर्देशन पत्र खारिज कर दिए गए। बड़ी संख्या में नाम निर्देशन पत्र खारिज कर दिए जाने के बाद अब मैदान में प्रमुख दलों समेत 45 प्रत्याशी बचे हैं। 11 फरवरी को नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों की सही स्थिति सामने आ सकेगी। कलेक्ट्रेट में नामांकन पत्रों की जांच के दौरान नाम निर्देशन करने वाले कई लोग नहीं पहुंचे। इस बीच कलेक्ट्रेट में प्रत्याशियों व उनके अधिवक्ताओं का मजमा लगा रहा।
पांचवें चरण के विधानसभा चुनाव के लिए जिले में चल रही नामांकन प्रक्रिया मंगलवार को पूरी हो गई। नाम निर्देशन के बाद बुधवार को सुबह पांचों विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचन कक्षों में पर्चों की जांच का काम शुरू हुआ। जांच के दौरान कई प्रमुख दलों के प्रत्याशी व उनके अधिवक्ता मौजूद रहे। एक-एक नामांकन पत्र की जांच के दौरान अन्य प्रत्याशी व उनके अधिवक्ता अपनी बारी का बाहर इंतजार करते रहे।
दोपहर बाद तक चली जांच प्रक्रिया के दौरान विभिन्न खामियों के चलते निर्वाचन अधिकारियों ने 32 नाम निर्देशन पत्र खारिज कर दिए। नाम निर्देशन पत्रों में खामियां मिलने पर कई आवेदकों व उनके अधिवक्ताओं को मौका दिया गया लेकिन इसके बाद भी आवेदन की खामियों को दूर नहीं किया जा सका। कुछ आवेदक न स्वयं पहुंचे और न ही उनके अधिवक्ता ही जांच कराने पहुंचे।
जांच पूरी होने के बाद अब पांचों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर कुल 45 प्रत्याशी मैदान में बचे हैं। पांचों विधानसभा क्षेत्रों को मिलाकर कुल 77 नाम निर्देशन पत्र दाखिल किए गए थे। 11 फरवरी को नाम वापसी के बाद ही प्रत्याशियों की सही संख्या सामने आ सकेगी।
नामांकन के दौरान लंभुआ विधानसभा क्षेत्र से सर्वाधिक नाम निर्देशन पत्र दाखिल हुए थे। लंभुआ से दाखिल 20 नाम निर्देशन पत्रों में जांच के दौरान खामियों में नौ आवेदन पत्र निरस्त कर दिए गए। आरओ महेंद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि नौ आवेदन पत्र निरस्त होने के बाद अब मैदान में 11 प्रत्याशी ही बचे हैं। निरस्त होने वालों में प्रमुख रूप से आम आदमी पार्टी के सचिन का आवेदन है।
सदर विधानसभा क्षेत्र से दाखिल 14 नामांकन पत्रों में से छह जांच के दौरान खारिज कर दिए गए। छह नामांकन खारिज होने के बाद अब मैदान में आठ प्रत्याशी बचे हैं। आरओ अरविंद कुमार ने बताया कि आवेदनों में खामियां पाई गई थीं। इसौली विधानसभा क्षेत्र से दाखिल 15 नाम निर्देशन पत्रों में छह निरस्त कर दिए गए। आरओ वंदना पांडेय ने बताया कि खारिज होने वालों में चार निर्दलीय समेत दो पंजीकृत पार्टी के नामांकन पत्र रहे।
अब मैदान में नौ प्रत्याशी बचे हैं। सुल्तानपुर विधानसभा क्षेत्र से दाखिल 14 में से चार नामांकन पत्र खारिज कर दिए गए। आरओ चंद्रप्रकाश पाठक व एआरओ विदुषी सिंह ने बताया कि अब मैदान में 10 उम्मीदवार बचे हैं। खारिज होने वालों में एक राष्ट्रीय डेमोक्रेटिव व तीन निर्दलीय के आवेदन हैं।
कादीपुर सुरक्षित सीट से दाखिल 14 नामांकन पत्रों में से सात जांच के दौरान खारिज कर दिए गए। अब मैदान में सात प्रत्याशी रह गए हैं। आरओ महेंद्र कुमार ने बताया कि एआईएमआईएम की आवेदक पुष्पांजलि समेत सात नामांकन पत्र खारिज किए गए हैं।
नामांकन पत्र की जांच के दौरान ही एक विधानसभा क्षेत्र में दो ईवीएम लगाने का अंदेशा खत्म हो गया। नाम निर्देशन के दौरान लंभुआ विधानसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 20 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। इसे लेकर लंभुआ में दो ईवीएम लगाए जाने की आशंका थी लेकिन जांच के दौरान नौ आवेदन पत्र खारिज हो जाने के बाद मतदान में दो ईवीएम लगाने का अंदेशा खत्म हो गया।
हालांकि अभी भी लंभुआ में सर्वाधिक 11 प्रत्याशी मैदान में हैं। दो नंबर पर सुल्तानपुर है। सुल्तानपुर विधानसभा क्षेत्र में 10, इसौली में नौ, सदर में आठ व कादीपुर में सबसे कम सात प्रत्याशी मैदान में हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी रवीश गुप्ता ने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए दाखिल नामांकन पत्र 11 फरवरी को वापस लिए जा सकेंगे। नाम वापसी के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न का आवंटन किया जाएगा। इसके बाद प्रचार शुरू हो जाएगा।