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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में अटका किसानों का 18 करोड़ मुआवजा

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सुल्तानपुर। लखनऊ-गाजीपुर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे में किसानों के खेत का करीब 18 करोड़ रुपया मुआवजा अटका है। विवादों में फंसे खेत को प्रशासन ने समझौता करते हुए 144 किसानों से बैनामा ले लिया लेकिन अभी तक उसकी मुआवजा नहीं दिया। किसान खेत के साथ अभी तक धनराशि से भी वंचित हैं। किसानों को चार माह से महज आश्वासन मिल रहा है।
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लखनऊ से गाजीपुर तक निर्माणाधीन करीब 141 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण कीमत के विवाद में हलियापुर क्षेत्र में फंसा था। किसान सर्किल रेट से कम कीमत दिए जाने के विरोध में यूपीडा के पक्ष में खेत का बैनामा नहीं कर रहे थे।
हलियापुर व जरईकलां में किसानों को साढ़े चार हजार रुपया प्रति एयर सर्किल रेट की दर से प्रशासन ने खेत का दाम निर्धारित किया था। किसान अयोध्या-रायबरेली हाईवे के किनारे स्थित भूमि का दाम प्रशासन की ओर से ही निर्धारित 14 हजार रुपये प्रति एयर सर्किल रेट की दर से भुगतान की मांग कर रहे थे।
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काशीराम सिंह, सूर्यपाल यादव समेत कई किसानों ने इसका विरोध करते हुए शिकायत की। किसानों के रुख को देखते हुए अंतत: तहसीलदार सदर ने शिकायत का निस्तारण 14 हजार सर्किल रेट व 12 प्रतिशत ब्याज जोड़ते हुए 26 फरवरी 2020 को कर दिया था।
तहसीलदार सदर ने करीब डेढ़ सौ किसानों के करीब चार हेक्टेयर भूमि का सर्किल रेट से कीमत निर्धारित करते हुए उसका चार गुना मुुआवजा तय किया। भूमि का ब्याज समेत 17 करोड़ 38 लाख 45 हजार छह सौ रुपया मुआवजा निर्धारित किया गया।
निर्धारण के बाद किसानों ने प्रशासन के आश्वासन पर भूमि का बैनामा कर दिया लेकिन अभी तक उन्हें मुआवजा नहीं मिल सका। इधर, कार्यदायी संस्था ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी शुरू कर दिया। अब किसान खेत का मुआवजा पाने के लिए चार माह से तहसील व कलेक्ट्रेट का चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें अभी तक भुगतान नहीं मिल सका है।
करीब डेढ़ सौ किसानों केे नेशनल हाईवे के पास वाली भूमि का 14 हजार रुपया सर्किल रेट की दर से कीमत निर्धारित होने के बाद साढ़े चार हजार रुपये में बैनामा करने वाले किसान अपने को ठगा महसूस कर रहे हैं। ऐसे किसान अब न्यायालय जाने की तैयारी कर रहे हैं। इन किसानों का कहना है कि प्रशासन ने एक ही प्रकार की भूमि का दो रेट से भुगतान का निर्धारण किया है।
तहसीलदार सदर पीयूष श्रीवास्तव का कहना है कि लॉकडाउन में व्यस्तता की वजह से किसानों के मुआवजे का भुगतान अभी तक नहीं हो सका है। किसानों का जल्द भुगतान कराया जाएगा।
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