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तीन सगे भाइयों समेत चार अभियुक्तों को 10 वर्ष की कैद

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सुल्तानपुर। गैर इरादतन हत्या के मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष राय ने सोमवार को तीन सगे भाइयों समेत चार अभियुक्तों को 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्तों पर दो लाख 40 हजार रुपये जुर्माना ठोंका है। जुर्माना से 90 फीसदी धनराशि मृतक की पत्नी को देने का आदेश कोर्ट ने दिया है।
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घटना अमेठी जिले के जगदीशपुर थाने के ग्राम पूरे जालिम मल्लाह मौजा मड़वा की है। गांव निवासी शमीम पर पड़ोसी पीर मोहम्मद के पुत्र चांद अली, अशरफ अली, सलमान व उसके रिश्तेदार राजू ने 26 जून 2015 को यह कहते हुए लाठी, डंडे से हमला कर दिया था कि उसकी बकरी ने उनका चावल खा लिया है।
आरोपियों के हमले में आई चोटों से शमीम गंभीर रूप से घायल हो गए थे। शमीम को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में भर्ती कराया गया था, जहां दूसरे दिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने मृतक की पत्नी परवीन बानो की तहरीर पर पीर मोहम्मद के पुत्र चांद अली व अशरफ अली, उसके रिश्तेदार राजू के खिलाफ केस दर्ज किया।
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सलमान पुलिस की विवेचना में आरोपी बनाया गया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से छह और बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह कोर्ट में पेश किए गए थे। पिछले शुक्रवार को जिला जज संतोष राय ने आरोपी सगे भाइयों चांद अली, अशरफ अली व सलमान और राजू को गैर इरादतन हत्या करने का दोषी करार देते सजा सुनाने के लिए दो अगस्त की तिथि नियत कर जेल भेज दिया था।
गैर हाजिर रहने पर आरोपी चांद अली के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया था। सोमवार को पुलिस ने आरोपियों अशरफ अली व सलमान और राजू को जेल से लाकर अदालत में पेश किया, जबकि आरोपी चांद अली स्वयं हाजिर हुआ। सजा के बिंदु पर डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह व अधिवक्ता अजीजुर्रहमान और बचाव पक्ष की ओर से दलील पेश की गई।
जिला जज ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद सगे भाइयों चांद अली, अशरफ अली व सलमान और आरोपी राजू को 10 वर्ष की कैद व प्रत्येक अभियुक्त को 60-60 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया है। कोर्ट ने जुर्माना से 90 फीसदी धनराशि मृतक की पत्नी को देने का आदेश दिया है।
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