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चीनी मिल पर किसानों का 1.77 करोड़ रुपये बकाया

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सुल्तानपुर। जिले की इकलौती किसान सहकारी चीनी मिल पर किसानों का एक करोड़, 77 लाख रुपये बकाया चल रहा है। बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान न मिलने से किसान परेशान हैं। प्रदेश सरकार की ओर से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने,समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने और चीनी मिल में गन्ने की पेराई नवंबर के प्रथम सप्ताह में कराए जाने की घोषणा से जिले के किसान खुश हैं।
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किसान सहकारी चीनी मिल में वर्ष 2020-21 में जिले के किसानों से पांच लाख 76 हजार क्विंटल गन्ने की खरीद हुई थी। इसका गन्ना मूल्य 18 करोड़, 51 लाख, 79 हजार रुपये हुआ था। किसान सहकारी चीनी मिल ने किसानों को 16 करोड़, 74 लाख 56 हजार रुपये का भुगतान कर दिया है। इसमें से आठ करोड़, 25 लाख रुपये का भुगतान प्रदेश सरकार की ओर से मिली आर्थिक मदद से किया गया है।
चीनी मिल पर अभी भी गन्ना किसानों का एक करोड़, 77 लाख, 23 हजार गन्ना मूल्य बकाया चल रहा है। इस बीच बुधवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने, गन्ना का समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने और चीनी मिल में गन्ने की पेराई नवंबर के प्रथम सप्ताह में कराए जाने की घोषणा से जिले के किसान खुश हैं।
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70 दिन हुई थी गन्ने की पेराई
किसान सहकारी चीनी मिल में पेराई सत्र 2020-21 का शुभारंभ 22 दिसंबर 2020 को हुआ था। चीनी मिल में 70 दिन तक गन्ने की पेराई हुई थी। एक मार्च 2021 को चीनी मिल गन्ने के अभाव में बंद हो गई थी।
सरकार की घोषणा को किसानों ने सराहा
कूरेभार। क्षेत्र के धनजई गांव निवासी घेर्राऊ सिंह ने सरकार की ओर बकाया गन्ना मूूल्य का भुगतान कराने की घोषणा की सराहना की है। उन्होंने कहा कि बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान हो जाने पर किसानों को राहत मिल जाएगी। इनायतपुर गांव के सुरेश सिंह ने भी बकाया गन्ना मूल्य का भुगतान कराने के सरकार के निर्णय का स्वागत किया है।
कटका खानपुर के गया प्रसाद वर्मा ने कहा कि सरकार ने गन्ना का समर्थन मूल्य बढ़ाकर किसानों को राहत देने का कार्य किया है। हुसैनगंज के कमाल अहमद ने कहा कि चीनी मिल में गन्ने की पेराई नवंबर के प्रथम सप्ताह में शुरू करने की सरकार की घोषणा से गन्ना किसानों को लाभ मिलेगा। चीनी मिल में समय से गन्ने की पेराई शुरू हो जाने से किसानों को अपना गन्ना बेचने के लिए निजी क्रेशरों पर नहीं जाना पड़ेगा।
शासन को भेजा गया मांग पत्र
किसान सहकारी चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक प्रताप नारायण ने बताया कि किसानों के बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए शासन को मांग पत्र भेजा गया है। शासन से रुपया मिलते ही किसानों के खाते में बकाया गन्ना मूल्य भेज दिया जाएगा।
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